आप घर बैठे ही मोबाइल और कंप्यूटर के जरिए अपने राजस्व मुकदमे का पूरा विवरण जान सकते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, दाखिल खारिज और भूमि के प्रकार बदलवाने के लिए भी आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आइये आपको ‘राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली’ के बारे में बताते हैं कि आप इस सुविधा का कैसे लाभ उठा सकते हैं…
वर्ष 2013 में उत्तर प्रदेश में सरकार द्वारा ‘राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली’ की शुरुआत की गई। इसके तहत प्रदेश के राजस्व न्यायालयों को कंप्यूटरीकृत किया गया। इसका उद्देश्य राजस्व न्यायालय की कार्यप्रणाली को शत प्रतिशत पारदर्शी और सम्बंधित सूचनाएं एवं जानकारियां, वादकारियों, अधिवक्ताओं और जन सामान्य को उपलब्ध कराना है।
इस व्यवस्था के माध्यम से प्रदेश के 2,333 राजस्व न्यायालय, जिसमें नायब तहसीलदार न्यायालय से लेकर राजस्व परिषद तक के न्यायालय सम्मिलित हैं, को कंप्यूटरीकृत किया गया है। इस वेबसाइट पर इन न्यायालयों में विचाराधीन और निस्तारित होने वाले मुकदमे से सम्बंधित जैसे, नियत तारीख की सूचना, न्यायालय में की गई कार्यवाहियों और न्यायालय द्वारा पारित आदेश ऑनलाइन देखे जा सकते हैं।
अगर आपके पास मुकदमे का नम्बर है तो…
यदि आपके पास मुकदमे का नम्बर नही है, तो आप खसरा संख्या या गाटा संख्या के माध्यम से भी मुकदमे की स्थिति की जानकारी कर सकते हैं…
वेब पेज पर आपको दाखिल ख़ारिज का विकल्प और भूमिधर द्वारा कृषिक भूमि को गैर कृषिक प्रयोजन के लिए ऑनलाइन आवेदन का विकल्प दिखेगा।
साभार- गाँव कनेक्शन
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