ध्वजारोहण व मार्च पास्ट से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्रांगण में ध्वजारोहण और मार्च पास्ट से हुई, जिसमें प्रतिभागी टीमों ने गरिमा के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना ने समूचे वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया।
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के प्रेरणादायक उद्बोधन
मुख्य अतिथि: जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने अपने वक्तव्य में शिक्षा के साथ-साथ खेलों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा,
“खेल न केवल शारीरिक फिटनेस बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और जीवन में संघर्ष करने की शक्ति भी सिखाते हैं।”
विशिष्ट अतिथि: बलिया के पुलिस अधीक्षक श्री ओमवीर सिंह ने छात्रों की लगन, समर्पण और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि,
“बच्चों की प्रतिभा देखकर यकीन होता है कि देश का भविष्य उज्ज्वल है।”
जिला विद्यालय निरीक्षक श्री देवेंद्र कुमार गुप्ता ने इस आयोजन को बलिया के लिए गौरव का क्षण बताया और खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।
उद्घाटन मैच: आर्मी स्कूल कानपुर बनाम खेलगांव प्रयागराज
टूर्नामेंट का पहला मुकाबला आर्मी स्कूल कानपुर और खेलगांव प्रयागराज के बीच खेला गया, जो अत्यंत रोमांचक रहा। मुकाबला 2-2 गोल की बराबरी पर समाप्त हुआ और दोनों टीमों को 1-1 अंक प्राप्त हुआ। खिलाड़ियों ने उच्च स्तरीय खेल का प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
आयोजकों और विद्यालय परिवार का योगदान
विद्यालय के प्रबंधक धर्मात्मानंद जी ने बच्चों को खेलों के साथ-साथ शिक्षा में भी संतुलन बनाए रखने की सीख दी।
विद्यालय के प्रधानाचार्य ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के लिए परिश्रम करने की प्रेरणा दी।
इस भव्य आयोजन की सफलता में खेल प्रशिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, सुनील यादव सहित समस्त शिक्षकगण व शिक्षिकाओं का विशेष योगदान रहा।
प्रशंसनीय व्यवस्थाएँ
सभी टीमों के कोच और मैनेजरों ने आयोजन की व्यवस्था, विशेषकर खेल मैदान, भोजन, आवास आदि की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि
“जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने खिलाड़ियों के लिए अत्यंत उच्चस्तरीय एवं अनुशासित वातावरण उपलब्ध कराया है।”
बलिया के लिए स्वर्णिम अवसर
यह आयोजन बलिया के लिए एक नई पहचान और स्थानीय खिलाड़ियों के लिए अवसरों का मंच प्रदान करता है। यह उम्मीद की जा रही है कि इस तरह के आयोजनों से बलिया आने वाले समय में खेलों का केंद्र बन सकता है।