पुलवामा घटना के बाद पाकिस्तान के साथ साथ अब देश भर में कश्मीरियों को लेकर भी लोग नाराज़ हो गए हैं और उन पर हमले शुरू हो चुके हैं। इस घटना के बाद कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिसमे देश में रह रहे कश्मीरियों के साथ मारपीट की गई है। इसके साथ साथ सोशल मीडिया पर एक बार फिर से वहां पर लागू धारा 370 को ख़त्म करने की मांग की जा रही है। आपको बता दें कि धारा-370 ही कश्मीर को देश के बाकी राज्यों से अलग करती है ।
धारा-370 की वजह से कश्मीर में रह रहे कश्मीरियों को दोहरी नागरिकता मिली हुई है। देश के दूसरे किसी भी राज्यों में ऐसा नहीं है और उन्हें सिर्फ एक ही नागरिकता हासिल है।
इसके अलावा कश्मीर में भारत का तिरंगा लहराने के साथ साथ एक और झंडे को वहां पर मान्यता मिली हुई है। कह सकते हैं कि वहां पर दो दो झंडे है। इसके अलावा अगर कश्मीर में भारत के झंडे को भी पूरा सम्मान दिया जाता है । यह सब कुछ धारा-370 की वजह से है।
बहुत सी ऐसी चीजें है जो ख़ास कश्मीर के लिए है और देश के दूसरे राज्यों में ऐसा नहीं है और इससे सजा भी मिल सकती ही। इसके अलावा अगर कश्मीर की कोई महिला कश्मीरी के अलावा अगर भारत के किसी दूसरे राज्य के लड़के से शादी कर लेती है तो फिर उस महिला की कश्मीरी नागरिकता ख़त्म हो जाती है और इसके बाद उसे कश्मीरी नहीं कहा जा सकता है। यही वजह कश्मीर की लड़कियां दोस्सरे राज्यों के लड़को से शादी नहीं करती है .
इसके अलावा धारा-370की वजह से भारत के कई नियम और कानून जम्मू-कश्मीर में लागू नहीं होते। एक और बड़ी बात यह है कि जम्मू-कश्मीर की विधानसभा का कार्यकाल बाकी राज्यों की तरह पांच सालो का नहीं बल्कि 6 साल का होता है ।
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