जैसा कि आप सभी बहने और भाई इस बात से बखूबी वाकिफ हैं ज़ुल हिज्जा का महीना बहुत मुबारक महीना है और ज़ुल्हिज्जा का महीना इतना मुक़द्दस है कि अल्लाह पाक ने कुरान में इरशाद फ़रमाया है कि मुझे फज्र और दस रातों की कसम है इसमें दस रातों कामतलब ज़ुल्हिज्जा का शुरूआती दस दिन है इसमें अगर हम हुजुर सल्लाo का एक वजीफा सुबह फज्र के वक़्त सौ बार पढ़ लें तो इंशाल्लाह अल्लाह के हुक्म से हमें गैबी खजानो से अल्लाह वहां-वहां से दौलत अत फरमाएंगे और वहां से रिजक अत फरमाएंगे जहाँ पर हमारा जेहन भी नहीं जाता और वो वजीफा हम आपको आज बताने जा रहे हैं.
सबसे पहले इस महीने की फजीलत जान लीजिये सय्यदना इब्ने अब्बास रजीo से मर्वी है कि आप सल्लाo ने इरशाद फ़रमाया कि इन दिनों में अल्लाह को अमले सालेह बहुत पसंद है तो आप से फ़रमाया गया कि क्या जेहाद से भी ज्यादा पसंद है तो आप सल्लाo ने फ़रमाया कि हाँ ये दिन जेहाद से भी बेहतर है लेकिन सिवाए उस शख्स के जो अपने माल और जान को लेकर के निकले और किसी चीज़ को वापस लेकर के न आये.
सय्यदना इब्ने उम्र रजीo से मर्वी है की हुजुर सल्लाo ने फ़रमाया कि इन दस दिनों से बढ़ कर अल्लाह को कोई और दिन इतना पसंद नहीं है लिहाज़ा तुम इन दस दिनों में कसरत के साथ तस्बीह करो तम्हीद करो और ज़िक्र करो आपको बता दें कि हुजुर सल्लाo ने ये बात इसलिए बताई ताकि उनकी उम्मत ये बात जान सके और हर मुस्लिम के ज़िन्दगी में ये दिन ज़रूर आता है.
अब हम आपको बताते हैं कि अगर आप बहुत ज्यादा गरीबी की ज़िन्दगी गुज़र रहे हैं और आपके घर में कहीं खैर और बरकत नहीं है तो आप इस वजीफे को करे तो आपको अल्लाह पाक ऐसे जगहों से रिज्क देंगे जहाँ तक आपका दिमाग भी नहीं पहुँच सकता है अब आप सुनिए कि ये अमल क्या है आज से तकरीबन 14 सौ साल पहले एक शख्स अल्लाह के नबी सल्लाo की खिदमत में हाज़िर होते हैं … आगे देखिये विडियो.
बलिया।जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए भव्य विदाई समारोह का…
फेफना (बलिया)। क्षेत्रीय संघर्ष समिति फेफना के नेतृत्व में शुक्रवार को क्षेत्रवासियों ने रेलवे बोर्ड…
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह…
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय…
बलिया जिले की फेफना विधानसभा क्षेत्र के तीखा गांव में टोंस नदी तट पर स्थित…