बलिया के एक बीडीओ ने चार साल पहले आरटीआई के तहत किए गए आवेदन पर कोई भी सूचना उपलब्ध नहीं कराई। जिस कारण 1 वर्ष पूर्व बीडीओ पर 10 हजार का अर्थदंड लगाया गया था। लेकिन 2020 में लगे अर्थदंड का भुगतान बीडीओ ने नहीं किया। जिसके बाद अब राज्य सूचना आयोग ने सीडीओ को अर्थदंड की वसूली के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि रेवती निवासी रवि महर्षि ने बताया कि 27 फरवरी 2018 को ग्राम सभा भोपतपुर के विकास कार्य के आय-व्यय का विवरण मांगा था। लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। जिसके बाद प्रथम अपील 29 मार्च के बाद 8 जून को राज्य सूचना आयोग में अपील की। मामले में लापरवाही बरतने वाले बीडीओ पर आयोग ने वर्ष 2020 में 10 हजार का जुर्माना लगाया लेकिन बीडीओ ने अभी तक जुर्माना राशि का भुगतान
नहीं किया। अब मामले में फिर से सुनवाई करते हुए राज्य सूचना आयोग ने 15 नवम्बर 2021 को सीडीओ को निर्देशित किया है कि बीडीओ के वेतन से अर्थ दण्ड की वसूली की जाए।
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