बलिया डेस्क : बलिया के सांसद और बीजेपी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह मस्त ने प्रवासी मजदूरों की बदतर स्थिति को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिस पर हंगामा होना तय है. बलिया में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए सांसद ने मजदूरों की बदतर स्थिति के लिए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि अगर इंदिरा ने दत्तोपंत ठेंगड़ी का फार्मूला मान लिया होता तो मजदूरों की ऐसी हालत नहीं होती.
उन्होंने कहा ‘‘ साल 1971 में बैंकों और उद्योगों का राष्ट्रीयकरण करते समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा ने हमारे नेता दत्तोपंत ठेंगड़ी के फार्मूले को मान लिया होता और उद्योगों और बैंकों का राष्ट्रीयकरण करने के बजाय उद्योगों का मजदूरीकरण, मजदूरों का राष्ट्रीयकरण और राष्ट्र का औद्योगिकीकरण कर दिया होता तो आज देश के सामने प्रवासी कामगारों के पलायन के हालात पैदा ही नहीं होते.’’
बता दें कि ठेंगड़ी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक और स्वदेशी जागरण मंच के संस्थापक थे. बलिया से बीजेपी सांसद ने मोदी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने देश की संसद और राज्यों के विधान मंडलों से संशोधित नागरिकता विधेयक पारित करा दिया है. देश में पहली बार मोदी सरकार ने यह स्थापित किया है कि कोई सरकार अपने घोषणा पत्र के अनुसार काम कर रही है.
उन्होंने कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त करने और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करने को भी मोदी सरकार की अहम उपलब्धि करार दिया.
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