बलिया- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सूबे में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है। लेकिन इन दावों में कितनी हक़ीक़त है, इसका अंदाज़ा बलिया ज़िले के बांसडीह तहसील के रामपुरकलां गांव में स्वास्थ्य परिवार कल्याण केंद्र की हालत को देख कर लगाया जा सकता है।
गांव का स्वास्थ्य एवं परिवार उपकेंद्र बेहद ही जर्जर हालत में है। बताया जा रहा है कि यहां नियुक्त स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान को जोखिम में डालकर स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखे हुए हैं। इलाके के ग्रामीणों और स्वास्थ्यकर्मी की मानें तो यह उपकेंद्र इतना जर्जर हो चुका है कि समय समय पर छत से प्लास्टर और ईंट का मलबा गिरता रहता है और यह किसी भी समय जमींदोज़ हो सकता है।
साथ ही चारों तरफ से बारिश के पानी का निकास नही होने के कारण, अंदर तक जल भराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। जिससे जच्चा-बच्चा टीकाकरण और प्रसव आदि जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं के समय गंभीर खतरा बना हुआ है।
अतुल सिंह नाम के स्थानीय समाजिक कार्यकर्ता ने बलिया ख़बर को एक चिट्ठी लिखकर इस बाबत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्र की बदहाली के संबंध में पहले भी शिकायतें की जाती रही हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी अपने विभागीय अधिकारी को सन 2004 से ही लगातार मौखिक और लिखित रूप से सूचित करते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई उचित कदम नही उठाया गया।
अतुल ने पत्र में बताया कि इस संबंध में सीएमओ को भी ज्ञापन सौंपा जा चुका है।
लेकिन फिर भी स्वास्थ्य उपकेंद्र में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने अंदेशा जताते हुए कहा कि अगर इस दिशा में कार्य नहीं हुआ तो न केवल रामपुरकला गांव बल्कि आसपास के भी गांवों खरौनी, सारंगपुर, नरोत्तमपुर, खेवसर आदि के सामान्य लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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