बलिया डेस्क: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पैसा पाने वालों ने घर नहीं बनाया. कुछ ने सरकार से आवास निर्माण के लिए पैसों का गलत इस्तमाल किया और कुछ पैसे लेकर बैठ गए. यह बात सोशल आडिट की जांच में सामने आई है. वहीँ बड़ी बात यह है कि जिम्मेदार लोगों ने इसकी जांच करना भी ज़रूरी नहीं समझा कि सरकार द्वारा जी रही रकम का लाभार्थी आखिर कर क्या रहे हैं.
आपको बता दें कि वित्तीय वर्ष 2017 और 18 में जिन लाभार्थियों का चुनाव किया गया था, उनमे से कईयों ने ऐसा काम किया है. लेकिन अब यह मामला सामने आ चुके है जिस पर कार्यवाही करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने बलिया जनपद के 32 लाभार्थियों को इस योजना के तहत मिली रकम को वापस करने का निर्देश जारी किया है. रिकवर करने वाली कुल रकम 28 लाख सत्तर हज़ार है.
जिन लाभार्थियों को रकम वापस करने को कहा गया है, वह कास खंड रसड़ा के साथ साथ रेवती, गड़वार और चिलकहर के रहने वाले हैं. जांच में पाया गया है कि इन लोगों ने अभी तक घर निर्माण का काम शुरू तक नहीं किया है. ऐसे में उनकी नियत पर सवाल उठाना ज़ाहिर सी बात है.
इन 32 में गड़वार ब्लाक के 9, रसड़ा ब्लाक के 15, रेवती ब्लाक 6 और चिलकहर ब्लाक के लाभार्थी शामिल हैं. बहरहाल, अब यह आदेश जारी होने के बाद इन लाभार्थियों के पैरों तले ज़मीन खिंसक गयी है. उन्हें शायद ही इस बात का अंदाज़ा रहा होगा कि प्रशासन की तरफ से इस तरह का आदेश लिया जाएगा.
लेकिन अब यह एक्शन ले लिया गया है तो लाभार्थियों के पास रकम वापसी के अलावा फिलहाल दूसरा कोई रास्ता नहीं दिख रहा है. लेकिन इन सब के साथ साथ इससे कम से कम यह तो पता चल ही गया है कि इस योजना के अमली जामा पहाने के लिए अधारी कितने गंभीर हैं.
बलिया। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को श्री जमुना…
बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह…
सियासत में बड़े नामों की कोई कमी नहीं है। मंचों पर भाषण देने वाले नेता…
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण…
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से…
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को…