बलिया। अफगानिस्तान के काबुल से बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के निवासी राजेश पांडेय सुरक्षित भारत तो लौट आए। लेकिन काबुल का खौफनाक मंजर आज भी उनकी आंखों के सामने हैं। जिनका कहना है कि एक वक्त तो उन्हें ऐसा लगता था कि वह कभी अपने घर नहीं लौट पाएंगे। लेकिन भारत सरकार की कोशिश है कि आज वह अपने घर वापस लौट आए। और अब उन्हें कभी वहां नहीं जाना।
राजेश काबुल एयरपोर्ट से महज 8 किमी की दूरी पर एक कंपनी में काम करने भारत से 22 फरवरी 2021 को गए थे। वहां सरिया बनाने के डाई टर्नर के पद पर कार्यरत थे। तालिबानियों के कब्जे के बाद अराजकता की स्थिति चोरों तरफ हो गई। एयरपोर्ट पर जाने के लिए 8 किलोमीटर की दूरी तय करने में दस घंटे लग गए।
राजेश के मुताबिक हम सभी एयरपोर्ट के नार्थ गेट नंबर 6 से 100 मीटर की दूरी पर ही थे कि 21 फरवरी को तालिबानियों ने सभी 150 भारतीयों को अगवा कर लिया। एक सुनसान स्थान पर सभी को लेकर चले गए। एक जगह बैठाकर सबका पासपोर्ट चेक किए। उस समय ऐसा लगा कि अब घर नहीं लौट पाएंगे। करीब 5 घंटे बाद काबुल एयरपोर्ट पर उन सभी को छोड़ दिया गया। जब हम लोग एयरपोर्ट पहुंचे तो जान में जान आई।
काबुल एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों में चारों तरफ बमबारी और गोलियों की आवाज से माहौल डरावना हो रहा था। ईश्वर की कृपा और सरकार के प्रयास से वतन में परिवार के बीच सही सलामत पहुंचा हूं। राजेश बलिया में ग्राम पंचायत जानपुर मुड़ियारी के छितरौली में रहते हैं। वह 23 अगस्त को सुरक्षित भारत लौटे, उनकी वापसी से माता माया पांडेय, पत्नी ममता पांडेय, बेटा अनुराग व नीलेश की खुशी का ठिकाना नहीं हैं।
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