दूध बेचने वाले का लड़का बना 22 साल की उम्र में IAS, पहली ही कोशिश में किया कमाल

बिहार के मधुबनी के रहने वाले गाँव बरुआर के निवासी मुकंद कुमार ने अपनी पहली ही कोशिश में यूपीएससी के एग्जाम में टॉप रैंक हासिल की है. मुकंद अभी महज़ 22 साल के हैं और इतनी सी उम्र में उन्होंने इतनी बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है. मुकंद के पिता का नाम मनोज ठाकुर और माता का नाम है ममता देवी है. पिता बूथ सुधा डेयरी का बूथ चलाते हैं. माँ हाउस वाइफ हैं.

मुकंद की शुरूआती पढ़ाई गाँव में ही हुई. इसके बाद वह गुवाहाटी के जवाहर नवोदय विद्यालय चले गए और वहीँ से उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई की. बाद इसके वह ग्रेजुएशन के लिये दिल्ली चले गए. वहां मुकंद ने पी.जी.डी.ए.वी. कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स किया. मुकंद का मकसद था यूपीएससी जिसकी तैयारी उन्होंने कॉलेज के दिनों से ही शरू कर दी थी.

बता देब कि मुकंद ने 2019 में पहली बार यूपीएससी का एग्जाम दिया और पहली ही कोशिश में सफलता हासिल कर ली. इसका रिज़ल्ट इसी साल अगस्त में आया और उन्होंने 54वीं रैंक हासिल की. मुकंद का कहना है कि यूपीएससी के एग्जाम में सफलता पाने के लिए एक मकसद होना चाहिए. मकसद होगा तभी हम उसकी अहमियत समझेंगे.

उन्होंने बताया कि इस एग्जाम के लिए सिलेबस को बेहद अच्छे से समझना ज़रूरी है. तैयारी करने और एग्जाम देने से पहले छात्र को सिलेबस के बारे में सब कुछ पता हों चाहिए. इसके अलावा मुकंद ने बताया कि तैयारी के दौरान पिछले सभी एग्जाम का प्रश्न पत्र जरुर देखने चाहिए. इससे आप खुद को आकलन कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि इसके प्री, मेन्स में पुछे जाने वाले सामान्य सब्जेक्ट की तैयारी बेहतर ढंग से करनी चाहिए.

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