नाज़रीन हज़रत अली रज़ीo की शख्सियत एक ऐसी शख्सियत है जिनसे मुसलमान और गैर मुसलमान मुतास्सिर हुए बिना नहीं रह सकते हैं जिस किसी इंसान ने इस शख्सियत के गुफ्तार किरदार और अफकार पर गौर किया वो खैर में डूब गया यहाँ तक कि गैर मुस्लिम माहेरीन ने भी जब हज़रत अली रज़ीo के अव्साफ को देखा तो वो भी दंग रह गए क्योंकि उन्होंने अफकार-ए-अली को दुनिया में बेनजीर और लासानी पाया आपको बता दें कि हज़रत अली रज़ीo की दाढ़ी मुबारक घनी और दराज़ थी मशहूर है कि एक यहूदी की दाढ़ी बहुत मुख़्तसर थी उसकी ठोड़ी पर चाँद गिनती के बाल थे.
वहीँ हज़रत अली रज़ीo की दाढ़ी मुबारक बहुत घनी और लम्बी थी एक दिन वो यहूदी हज़रत अली रज़ीo से कहने लगा कि ऐ अली तुम्हारा ये दावा है कि कुरान में सारे उलूम मौजूद हैं और तुम उस इल्म के दरवाज़े हो तो बताओ अली तुम्हारी घनी दाढ़ी और मेरी मुख़्तसर दाढ़ी का भी ज़िक्र है हज़रत अली रज़ीo ने इरशाद फ़रमाया कि सुरह आराफ में अल्लाह ताला ने ये इरशाद फ़रमाया है कि.
‘वल बल्दुतय्येबो यखरुजू नबातुहू बे इज़्नी रब्बेही वल्लज़ी ख़बुसा ला यखरुजू इल्ला नकीदा’ इसका तर्जुमा ये है कि ‘और जो अच्छी ज़मीन है उसकी हरियाली अल्लाह के हुक्म से निकलती है और जो खराब है उसमे से नहीं निकलती है मगर थोड़ी सी बमुश्किल’ तो ऐ यहूदी वो अच्छी ज़मीन हमारी ठोड़ी है और खराब ज़मीन तेरी ठोड़ी है.
इस बात से मालूम हुआ कि हज़रत अली रज़ीo का इल्म बहुत ज्यादा था कि अपनी घनी दाढ़ी और उस यहूदी की मुख़्तसर दाढ़ी का ज़िक्र हज़रत अली रज़ीo ने कुरान में साबित कर दिखाया और इस बात से ये भी साबित हुआ कि कुरान सारे उलूम का खज़ाना है लेकिन लोगो की अक्लें इसको समझने से कासिर हैं.आपको ये भी बता दें की हज़रत अली रज़ीo पैगम्बरे इस्लाम मुहम्मद सल्लाo के चचेरे भाई भी थे … आगे देखिये विडियो.
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