Categories: बलिया

सलेमपुर के पूर्व सांसद रहे हरिवंश सहाय का निधन, नोएडा में ली अंतिम सांस

पूर्व सांसद हरिवंश सहाय का आज सुबह निधन हो गया। लंबी बीमारी के बाद 85 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद से ही राजनैतिक गलियारों में शोक की लहर है।

हरिवंश सहाय कई दिनों से बीमार थे। नोएडा में उनका इलाज चल रहा था। गुरुवार की सुबह 8 बजे ही नोएडा में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव खामपार थाना क्षेत्र के कुकुर घाटी विशम्भरपुर में होगा।

चार बार विधायक और एक बार सांसद रहेः बता दें हरिवंश सहाय समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता थे। वह भाटपाररानी विधानसभा से चार बार विधायक व एक बार सांसद रहे। अंतिम चुनाव उन्होंने समाजवादी पार्टी से 2014 में लोकसभा का लड़ा था। जिसमें हार गए। इस चुनाव में भाजपा से रविंद्र कुशवाहा सांसद बने।

हरिवंश सहाय की चार संतान हैं। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़े बेटे अशोक कुमार नोएडा में जिला जज हैं, दूसरे बेटे अरविंद सहाय भाजपा में कार्यरत हैं। स्वास्थ्य खराब होने के चलते हरिवंश बेटे अशोक कुमार के पास ही रह रहे थे।

साल 1967 में पहली बार बने थे विधायकः हरिवंश सहाय के राजनैतिक सफर की बात करें तो वह राजनीति के क्षेत्र में माहिर खिलाड़ी थे। उन्होंने अपने कार्यों से जनता के बीच में अलग पहचान बनाई। हरविंश सहाय 1967 में पहली बार विधायक बने। सोशलिस्ट पार्टी से उन्होंने चुनाव जीता। 1980 में लोकदल से दूसरी बार विधायक बने। 1989 में लोक दल जनता दल हो गया जिसमे तीसरी बार फिर विधायक चुन लिए गए।

इसके बाद चौथी बार 1991 में जनता दल से विधायक बने। हरिवंश सहाय 1996 में समाजवादी पार्टी से सलेमपुर के सांसद चुने गए। इसके बाद प्रदेश की राजनीति में इनका मजबूत पकड़ बन गया और पिछड़ों के मजबूत नेता बन कर उभरे। हरिवंश सहाय समाजवादी पार्टी में 2003 से 2009 तक सपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे। इसके बाद से वह सपा में रहे और अपने क्षेत्र में सपा के लिए कार्य किए।

राम लहर में भी चुनाव नहीं हारे हरिवंशः देवरिया जिले की भाटपार रानी विधानसभा सीट पर बीजेपी अब तक अपना झंडा नहीं फहरा पाई। राम लहर और मोदी लहर में भी बीजेपी उम्मीदवार इस सीट पर नहीं जीत सके। अब तक के चुनावों पर गौर करें तो यह सीट ज्यादातर समाजवादियों के ही कब्जे में रही। साल 1991 में जब राम लहर चली तब भी हरिवंश सहाय ने बतौर एसपी उम्मीदवार अपना वर्चस्व कायम रखा।

हरिवंश सहाय ने विधायक व सांसद रहते हुए विकास के कई कार्य किए। उनके सहज स्वभाव और मृदुभाषी होने के चलते जनता का विशेष समर्थन मिला। उनके निधन से पूरे प्रदेश में शोक की लहर छा गई। उनका जाना बड़ी राजनैतिक क्षति है।

Rashi Srivastav

Recent Posts

रसड़ा विधानसभा सर्वे 2027

तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद रसड़ा की राजनीतिक तस्वीर बदल…

2 days ago

फेफना विधानसभा सर्वे 2027

फेफना विधानसभा सीट पर 2027 को लेकर जनता का मूड क्या है? विधायक संग्राम सिंह…

2 days ago

सिकंदरपुर विधानसभा सर्वे 2027

सिकंदरपुर विधानसभा में 2027 की तैयारी शुरू हो चुकी है। विधायक जियाउद्दीन रिजवी के कार्यकाल…

2 days ago

बेल्थरा रोड विधानसभा सर्वे 2027

बेल्थरा रोड (सुरक्षित) विधानसभा सीट पर 2027 का मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। विधायक हंसू…

2 days ago

बैरिया विधानसभा सर्वे 2027

बैरिया विधानसभा में 2027 को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। विधायक जय प्रकाश अञ्चल…

2 days ago

बांसडीह विधानसभा सर्वे 2027

बांसडीह की राजनीति हमेशा से बलिया की सबसे चर्चित सियासी ज़मीन रही है। 2027 से…

2 days ago