सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर मंगलवार को फिर से प्रदेश सरकार पर हमलावर दिखे। बोलें कि प्रदेश में गरीबों, दलितों और पिछड़ों की नहीं सुनी जा रही है। अफसर मनमानी कर रहे हैं। मांग उठाई कि नियुक्तियां रोककर सरकार पहले पिछड़ा और दलित वर्ग के आरक्षण में विभाजन करे।
गन्ना शोध संस्थान में पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री राजभर ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में अति पिछड़ा और सर्वाधिक पिछड़ा तथा दलितों के आरक्षण में अति दलित का आरक्षण कोटा अलग किया जाए। इस बात पर संतोष जताया कि उनके आवाज उठाने के बाद मुख्यमंत्री ने भी इस मुद्दे पर बोला है। प्रदेश सरकार से यह भी मांग की कि बिहार की तर्ज पर प्रदेश में भी शराबबंदी की जाए। गरीबों की बर्बादी की सबसे बड़ा कारण शराब ही है।
अमित शाह के सामने रखेंगे प्रदेश की अव्यवस्थाओं को
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अफसर बेलगाम हो गए हैं। अपनी मनमानी कर रहे हैं। पात्र गरीबों को आवास और राशन कार्ड नहीं मिल रहा है। थानों में गरीबों की नहीं सुनी जा रही है। प्रदेश सरकार का नारा सबका साथ सबका विकास धरातल पर नहीं दिख रहा है। कहा कि इन मुद्दों को वह अमित शाह के साथ 10 अप्रैल को होने वाली बैठक में उठाएंगे। बोलें कि इस बीमारी (यानी अव्यवस्था) का इलाज एम्स (यानी दिल्ली) से ही संभव है। इसीलिए प्रदेश की इन समस्याओं से वह भाजपा नेतृत्व को अवगत करा रहे हैं। यह भी बोलें कि उनकी पार्टी के कुल चार विधायक हैं इनसे प्रदेश सरकार की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनका मकसद सरकार में रहते हुए व्यवस्थाएं ठीक करने की कोशिश करना है।
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