बलिया जिले के चर्चित रागिनी हत्याकांड में अपर सत्र और विशेष न्यायाधीश चंद्रभानु सिंह की अदालत ने चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई हैं। उम्रकैद के साथ ही इन चारों के ऊपर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस हत्याकांड के एक अन्य अभियुक्त का मामला अभी किशोर न्यायालय में चल रहा है।
गौरतलब है 8 अगस्त 2017 को रागिनी अपनी सगी बहन के साथ स्कूल पढ़ने जा रही थी। रास्ते में ही ग्राम प्रधान कृपाशंकर तिवारी के बेटे प्रिंस ने अपने दोस्त के साथ मिलकर उसको चाकुओं से गोदकर मार डाला था। बलिया जिले के बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के बजहां गांव के जितेंद्र कुमार दुबे ने अपनी बेटी की इस हत्या की रिपोर्ट दर्ज करायी थी।
जितेंद्र कुमार की तहरीर के मुताबिक, 8 अगस्त 2017 को सुबह करीब 7 बजे उनकी पुत्री रागिनी (16) सलेमपुर स्थित संस्कार भारती विद्या मंदिर में पढ़ने जा रही थी। इस दौरान कृपाशंकर तिवारी, प्रिंस उर्फ आदित्य तिवारी, नीरज तिवारी, सोनू तिवारी और राजू यादव ने पीछा किया और चाकुओं से गोदकर उसकी जान ले ली।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अभियुक्त कृपाशंकर तिवारी, प्रिंस उर्फ आदित्य तिवारी, नीरज तिवारी, सोनू तिवारी को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया था। शुक्रवार को अदालत में पेश हुए इन अभियुक्तों को कोर्ट ने उम्रकैद के साथ 50-50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी। इस हत्याकांड के एक अन्य अभियुक्त राजू यादव के किशोर होने की वजह से उसका मामला अभी किशोर न्यायालय बोर्ड में अंडर ट्रायल है।
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