बेल्थरा रोड में बाढ़ और ताल के पानी में लगभग 1800 एकड़ धान की फसल डूब चुकी है।
बलिया। उत्तरप्रदेश में बाढ़ के बाद बर्बादी का आलम देखने को मिल रहा है। फसले खराब होने से किसान परेशान हैं। 69 गांवों में हेक्टेयर में फसल का नुकसान 33 प्रतिशत से अधिक हुआ है। गंगा और सरयू नदी में बाढ़ से करीब एक हजार 723 प्रभावित हुए हैं। जो सरकार से जल्द सर्वे कर नुकसान का मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। हालांकि सर्वे के साथ ही किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है। सरकार से मुआवजा मिलने के बाद ही किसानों को राहत मिलेगी। बाढ़ से किसानों की फसल बर्बाद होने से उनके सामने कई परेशानियां खड़ी हो गई हैं। अब सरकार की किसानों का सहारा है।
गंगा और सरयू नदी की बाढ़ से प्रभावित जिले में 69 गांव ऐसे हैं, जहां बोई गई फसल का 33 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है। इससे कुल एक हजार 723 किसान प्रभावित हुए और 712 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसल का नुकसान हुआ है। अपर जिलाधिकारी रामआसरे ने बताया कि सदर तहसील के 54 गांवों के 1236 किसान और 263 हेक्टेयर भूमि, बैरिया के दो गांवों के 54 किसान और 24 हेक्टेयर भूमि और बांसडीह तहसील के 13 गांव के 433 किसान और 424 हेक्टेयर भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई है, जहां बोई गई फसल का 33 फीसदी से अधिक का नुकसान हुआ है। इन्हें मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है।
बाढ़ के बाद बर्बाद का मंजर देखने को मजबूर किसानों के लिए अब सरकार की सहारा है। सरकार की ओर से भी किसानों को उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया है। इतना ही नहीं सर्वे भी कराया जा रहा है। मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है। अपर जिलाधिकारी ने नुकसान को लेकर जानकारी भी दी है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि किसानों को जल्द ही उनकी फसल का उचित मुआवजा मिल जाएगा।
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