बलिया, 21 जुलाई
गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बलिया जिले में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गंगा का पानी खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे तटवर्ती इलाकों में दहशत का माहौल है।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र शहर कोतवाली, गंगापुर, शेरपुर, विष्णुपुरा और बैरिया ब्लॉक के कई गांव बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अब तक 70 से अधिक घरों में पानी घुस चुका है, जिससे ग्रामीणों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ रहा है।
बाढ़ पीड़ितों की एक बड़ी संख्या अब एक्सप्रेस-वे के किनारे बनी ऊंची सड़कों और तंबुओं में शरण ले रही है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन पीड़ितों का आरोप है कि अभी तक पर्याप्त राहत सामग्री नहीं पहुंचाई गई है।
स्थानीय निवासी सुनील यादव ने बताया, “पिछले तीन दिनों से हमारे घर में पानी भरा है। मवेशियों को भी साथ लाना पड़ा। प्रशासन की तरफ से न कोई नाव आई है और न ही खाने-पीने की व्यवस्था।”
SDM बलिया ने बताया, “हालात पर नजर रखी जा रही है। एनडीआरएफ की टीम को अलर्ट कर दिया गया है और राहत शिविरों की संख्या बढ़ाई जा रही है।”
गंगा के बढ़ते जलस्तर से आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। जिला प्रशासन ने तटीय गांवों के लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक वस्तुओं के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करने की सलाह दी है।
मुख्य बिंदु:
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
70+ घरों में पानी घुसा
दर्जनों परिवार एक्सप्रेस-वे किनारे शरण में
राहत कार्य जारी, लेकिन व्यवस्थाएं नाकाफी
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