बलिया में बड़े जोर शोर से नवरात्रि का उत्सव मना। जगह जगह पूजा पंडाल लगाए गए लेकिन इनमें अग्नि सुरक्षा मानक व बचाव के संसाधन नहीं है। अभी तक किसी भी पूजा कमेटी अग्निशमन की एनओसी नहीं लिया गया। नियम की माने तो सबंधित प्रशासनिक अधिकारी व फायर ब्रिगेड के अनापत्ति के बाद ही पंडाल व मूर्ति स्थापना होना चाहिए। बलिया के नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 362 पूजा कमेटी व उनके द्वारा पंडाल लगाया जाता है। सोमवार को 17 पूजा कमेटियों के पंडालों की जांच की गई और अग्नि सुरक्षा को लेकर जागरुक किया। साथ ही सभी कमेटी सदस्यों को नोटिस थमाया गया है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी धीरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि पूजा पंडालों को निरीक्षण कर आग से सावधानी बरतने व बचाव के संसाधन रखने का निर्देश दिया गया है। जिसके पास सुरक्षा के उपाय नही मिला उन्हें नोटिस दिया गया है। दुर्गा पूजा के लिए तैयार पंडाल अग्नि व बिजली सुरक्षा मानकों के विपरीत बनते है। सजावट के चक्कर में यहां सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किए जाते।
तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद रसड़ा की राजनीतिक तस्वीर बदल…
फेफना विधानसभा सीट पर 2027 को लेकर जनता का मूड क्या है? विधायक संग्राम सिंह…
सिकंदरपुर विधानसभा में 2027 की तैयारी शुरू हो चुकी है। विधायक जियाउद्दीन रिजवी के कार्यकाल…
बेल्थरा रोड (सुरक्षित) विधानसभा सीट पर 2027 का मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। विधायक हंसू…
बैरिया विधानसभा में 2027 को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। विधायक जय प्रकाश अञ्चल…
बांसडीह की राजनीति हमेशा से बलिया की सबसे चर्चित सियासी ज़मीन रही है। 2027 से…