बलिया डेस्क: प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना में हुए घोटाले को लेकर अब कृषि विभाग भी कटघरे में खड़ा नज़र आ रहा है. कहा जा रहा है कि जनसेवा केन्द्र ने पहले आईडी और पासवर्ड का पता लगाया है और फिर ऐसी वारदात को अंजाम दिया है. आपको बता दें कि इस पूरे खेल में आईडी और बैंक अकाउंट तो गाँव के ही भूमिहीन व्यक्ति का लगाया गया लेकिन खेत के दस्तावेज़ किसी और गाँव के किसान के लगाये गए. बिनहा के कई गांवो में ऐसी गड़बड़ी की गयी है.
जानकारी के मुताबिक, उदहा के नाम पर जनसेवा केन्द्र बलिया तहसील के एक विभाग के कर्मचारी ने अपने नाम पर लिया है. इस केंद्र से ऑनलाइन आवेदन किया गया और फिर कृषि विभाग के कर्मचारियों से मिलकर दो क़िस्त का भुगतान भी खाते में करवा दिया गया.
इस पूरे खेल में गाँव के व्यक्तियों का आधार और अकाउंट की पास बुक ली गयी और उसी नाम वाले किसी दूसरे गाँव के अन्य व्यक्ति के खेत के राजस्व गांव के रकबा का नंबर डाल दिया गया.
इस तरह जिसके पास ज़मीने थी भी नहीं, उन्हें भी खेत वाला बता दिया गया. वहीँ एक ही परिवार के तीन चार लोगों को सम्मान निधि दिलाई गयी. वहीँ इस घपलेबाजी में कई नाबालिगों और हाई स्कूल और इंटर के छात्रों को भी रकम दिला दी गयी.वहीँ जनसेवा केंद्र संचालक ने उनकी का आवेदन करवाया जो पढ़ें लिखे नहीं थे और उनका अंगूठा वगैरा लगवाकर पहले उनके खाते में भुगतान करवाया गया और इसके बाद उनके अकाउंट से पैसे निकाल लिए गए.
वहीँ जिनके खाते में पैसे मंगाए गए थे उन्हें पांच सौ हज़ार रूपये दिए गए. गांव में लल्लन नाम के शख्स के पूरे परिवार के सदस्यों के खाते में पैसे मंगवाए गए थे. वहीँ जिनके पास ज़मीन नहीं थी, उने अकाउंट में भी भुगतान करवाया गया.बहरहाल, अब इस मामले की जाँच पूरी हो चुकी है और जिलाधिकारी को सौंप दी गयी है.
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