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एर्दोगन दे सकते हैं इजरायल को बड़े झटके, नेतन्याहू की मुश्किलें बढ़ी…

अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले तुर्की के सदर तैयब एरदोगान एक बार फिर सुर्खियों में है . तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान और इस्राईल के प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू के बीच एक बार फिर लफ़ज़ी युद्ध छिड़ गया है . वैसे तो दोनों देशों में अक्सर ज़बानी युद्ध चलता रहता है . अक्सर तुर्क सदर रजब तैयब के निशाने पर इजरायली प्रधानमंत्री होते हैं . तुर्क सदर कई बार अपने अंदाज में इजरायली प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए दिखे हैं उन्होंने अपने बयान में कहा था कि इजरायल मासूम फर्स्ट मुनियों के खून से नहाता है और फिलिस्तीनी महिलाओं और बच्चों पर जुल्म करता है .

इस बार इस लड़ाई की शुरुआत इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने की है . उन्होंने तुर्की पर आरोप लगाते हुए कहा कि तुर्की ने उत्तरी साइप्रस पर कब्जा कर लिया है . उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सीरिया के स्क्रीन इलाके में तुर्की सेना द्वारा कुर्द महिलाओं और बच्चों का नरसंहार किया गया है बल्कि अपनी फौज के बारे में इस्राएली प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा शिष्टाचारी फौज इजराइली सेना है .

पूर्व सदर रजब तैयब को या दुनिया मुसलमान की बीमारी के तौर पर देखती है वही दुनिया इसराइली प्रधानमंत्री को मुसलमानों के दुश्मन के नजर से देखती है . सीरिया में चल रहे युद्ध को लेकर कई बार तुर्की और इजरायल आमने-सामने हुए दोनों में जबानी जंग छिड़ी एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए दिखे .

इजराइली प्रधानमंत्री अपनी सेना को शिष्टाचारी बता रहे हैं बल्कि जगजाहिर है कि इसराइली सेना में हमले के तौर पर वाइफ और उसका इस्तेमाल किया था बल्कि इजरायली सेना के एक धर्मगुरु ने एक ऐसा फतवा दिया था जिससे सारी दुनिया हैरान रह गई थी फतवा यह था कि इसराइली सैनिक युद्ध के समय फिलिस्तीनी महिला और बच्चियों का बलात्कार कर सकते हैं . इन तमाम बातों को मद्देनजर रखते हुए तुर्क सदर अक्सर अपने बयान में इजरायल पर निशाना साधते हैं

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