उत्तरप्रदेश में शिक्षा सत्र 2018 से लेकर 2021 तक छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में जांच तेज हो गई है। अब लखनऊ की आर्थिक अपराध अनुसंधान विभाग की टीम ने भीमपुरा में छापेमारी की और आशा सिंह होम्योपैथी फार्मेसी कॉलेज शाहपुर टिटिहा के प्रबंधक अंगद सिंह को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि अंगद सिंह ने 2021-22 में लगभग 5 लाख का घोटाला किया है।
अधिकारियों के मुताबिक, घोटाले के मामले में बलिया के 42 कॉलेज शामिल हैं। अब धीरे-धीरे साक्ष्य मिलने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। वहीं ईओडबल्यू की इस कार्रवाई से जिले के अन्य प्रबंधकों की नींद उड़ गई है। EOW लखनऊ के निरीक्षक जैनुद्दीन अंसारी ने बताया कि शिक्षा सत्र 2018-19, 2019-20 और 2020-21 में प्रदेश के 200 कॉलेजों ने करीब 47 करोड़ रुपये छात्रवृति का गबन किया था। इसमें बलिया जनपद के भी करीब 42 कॉलेज शामिल हैं। इस मामले में लखनऊ के वजीरगंज थाना में 30 जुलाई 2022 को मुकदमा दर्ज कराया गया था।
कूटरचित दस्तावेज के आधार पर कॉलेज की मान्यता लेने के आरोप में मान्यता भी रद्द कर दिया गया था। बताया कि प्रबंधक को लखनऊ के वजीरगंज थाना पुलिस ने अदालत में पेश किया था। जहां से उन्हें 14 दिन के न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जिले में फार्मेसी कालेजों का जाल फैला है। धनबल के माध्यम से मान्यता लेकर बड़ी संख्या में छात्रों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। अधिकांश कॉलेज मानक को पूरा नहीं करते हैं। औचक निरीक्षण हो जाए तो उनके यहां शिक्षक भी नहीं मिलेंगे। जब विश्वविद्यालय की टीम आती है तो किराया के डिग्री धारकों को बुला लेते हैं। जांच हुई इससे बड़ी गड़बड़ी मिलने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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