एक तो उमसभरी गर्मी, उपर से अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का जीना हराम कर दिया। रविवार को दोपहर दो बजे के बाद अचानक संविदा विद्युतकर्मी हड़ताल पर चले गए जिससे देरशाम तक बिजली नहीं आई। इसके चलते लोग गर्मी और उमस से बेहाल दिखे। हालांकि शाम करीब आठ बजे मान मनौवल के बाद आपूर्ति शुरु हो गई।
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बताया जाता है कि छह महीने के बकाया मानदेय को लेकर बिजली कर्मचारी दोपहर बाद अचानक हड़ताल पर चले जिससे पूरे जनपद की आपूर्ति अस्त-व्यस्त हो गई। अचानक आपूर्ति बंद होने से लोगों को लगा कि कहीं कुछ फाल्ट होगा, इसलिए कटी है। एक आध घंटे में बहाल हो जाएगी। लेकिन जब देरशाम तक बिजली व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो लोग परेशान हो उठे। पता चला कि प्रदेश आह्वान पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विद्युत संविदा कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से अपने केंद्र पर आपूर्ति बंद कर हड़ताल पर चले गए हैं। जिससे बिजली व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो गई। क्या नगर क्या देहात हर जगह जर मुहल्ले में बिजली कटी रही। उपभोक्ता मिड्ढी निवासी बब्लू राय ने बताया कि बिजली कटौती के लिए सरकार जिम्मेवार है। आखिरकार चंद पैसा मानदेय पाने वाले बिजली कर्मचारियों का मानदेय भुगतान क्यों नहीं हुआ। आज अगर हो गया होता तो बिजली कटौती की समस्या से दो चार नहीं होना पड़ता। वहीं बहेरी निवासी सेराजुद्दीन खां ने बताया कि चाहे सपा हो या फिर बसपा या फिर भाजपा बिजली व्यवस्था सुधारने का माद्दा किसी में नहीं है। इस बाबत विद्युत विभाग के एसडीओ मिथिलेश बिंद का कहना है कर्मचारियों के अचानक हड़ताल पर चले जाने से ऐसी समस्या आई है। अब आपूर्ति शुरु कर दी गई है।
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