बलिया: बाढ़ की आपदा के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसके सम्बन्ध में जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण ने एडवाइजरी जारी कर दी है। एडीएम रामआसरे ने बताया कि बाढ़ से पूर्व ऊंचे स्थानों को पहले से चिह्नित करें। जरूरी कागजात जैसे-राशन कार्ड, बैंक पासबुक, मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड इत्यादि को वॉटरप्रुफ बैग में सम्भाल कर रखें। आवश्यकतानुसार खाद्य सामग्री जैसे-बिस्किट, लाई, भुना हुआ चना, गुड़, चूडा, नमक, चीनी, सत्तू आदि एकत्र करें। बीमारी से बचाव के लिए क्लोरिन, ओआरएस और आवश्यक दवाइयां प्राथमिक उपचार किट में रखें।
सूखे अनाज व मवेसियों के चारे को किसी ऊंचे स्थान पर सुरक्षित रखें। जैरीकैन, छाता, तिरपाल, रस्सी, हवा से भरा ट्यूब, प्राथमिक उपचार किट, मोबाइल व चार्जर, बैटरी चालित रेडियो, टॉर्च, इमरजेन्सी लाइट, माचिस इत्यादि पहले से तैयार रखें और पशुओं में होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए पशुओं का समय से टीकाकरण कराएं। बाढ़ की चेतावनी मिलते ही गर्भवती महिलाओं, बच्चों, वृद्धों, दिव्यांग जनों और बीमार व्यक्तियों को तुरन्त सुरक्षित स्थान पर पहुचाएं। घर छोड़ने से पूर्व बिजली का मुख्य स्विच व गैस के रेगुलेटर को अनिवार्य रूप से बंद करें।
शौचालय सीट को बालू से भरी बोरी से ढकें। बाढ़ में डूबे हैंडपंप के पानी का सेवन न करें। उबला हुआ क्लोरीन युक्त पानी का ही उपयोग करें। बाढ़ के पानी के सम्पर्क में आई खाद्य सामग्रियों का सेवन न करें। गर्भवती महिलाओं को आशा एवं एएनएम की मदद से सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था करें। बिजली के तार एवं ट्रांसफार्मर से दूर रहें। डंडे से पानी की गहराई की जांच करें। गहराई पता नहीं होने पर उसे पार करने की कोशिश न करें। क्षमता से अधिक लोग नाव पर न बैठें। विषैले प्राणियों जैसे-सांप, बिच्छू आदि से सतर्क रहें और सांप काटने पर पीड़ित व्यक्ति को तुरन्त नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले
जाएं। बाढ़ से क्षतिग्रस्त घरों में प्रवेश न करें। क्षतिग्रस्त बिजली के उपकरणों का प्रयोग न करें। क्षतिग्रस्त पुल या पुलिया पर वाहन से पार करने की कोशिश न करें। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सुरक्षित घोषित करने पर ही बाढ़ में डूबे हैंडपंप के पानी का उपयोग करें। महामारी की रोकथाम के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और घरों के आसपास ब्लीचिंग पॉउडर का छिड़काव करें। संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए मरे हुए पशुओं एवं मलबों को एक जगह एकत्र कर जमीन में दबाएं तथा मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें।
इस नंबर पर मिलेगी मदद- बाढ़ से संबंधित किसी नुकसान की सूचना व संबंधित जानकारी प्राप्त करने और सहायता के लिए जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के कंट्रोल रूम नंबर 05498220832 या टोल फ्री नम्बर 1077 पर कॉल करें।
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