बलिया में एयरपोर्ट निर्माण की मांग हो रही है।(प्रतिकात्मक तस्वीर: एनबीसी न्यूज।)
बलिया से रह-रहकर हवाई अड्डे की मांग उठते रहती है। आए दिन बलिया में एयरपोर्ट बनाने को लेकर सियासत भी गरमाती रहती है। लेकिन सालों से लोग एयरपोर्ट की राह निहार रहे हैं। एक बार फिर बलिया जिले में एयरपोर्ट बनाने और हवाई उड़ान शुरू करने को लेकर मांग तेज हो गई है।
बलिया पूर्वांचल का एक बड़ा जिला है। जिले की जनसंख्या 2011 की जनसंख्या लगभग 32 लाख से अधिक है। लेकिन इन सब के बावजूद जिले में कोई एयरपोर्ट नहीं है। बलिया से सबसे नजदीक पटना का जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। इसके बाद गोरखपुर का महायोगी गोरखनाथ एयरपोर्ट है। बलिया के पड़ोस में वाराणसी जिले का लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट है।
क्या कहते हैं लोग: बलिया के अभिनव सिंह चंचल ने एयरपोर्ट बनाए जाने की मांग को लेकर कहा कि “हमारा जिला देश की आजादी से लेकर आजतक अग्रणी भूमिका निभाता आ रहा है। लेकिन विकास की बात करें तो बलिया बहुत पीछे है। ऐसे में अगर यहां एक एयरपोर्ट बन जाता है तो जिले का नाम बढ़ेगा और हमारा जनपद विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ेगा। एयरपोर्ट बन जाने से व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही दूर-दराज से यात्रा करने में समय भी बचेगा।”
एयरपोर्ट निर्माण को लेकर बलिया के ही स्थानीय भाजपा नेता गोपाल ने कहा कि “अगर जिले में एयरपोर्ट बनाए जाने से लोगों को रोजगार मिल जाएगा तो एयरपोर्ट जरूर बनना चाहिए। बलिया के युवा यहां से दूसरे शहरों में रोजगार की तलाश में जा रहे हैं। ऐसे में पहले कुछ ऐसी व्यस्था की जाए कि युवाओं को रोजगार मिले। जेब में पैसा रहेगा तब ही हम हवाई जहाज पर चढ़ सकेंगे। पैसा के लिए जरूरी है रोजगार। बलिया में एयरपोर्ट की मांग लम्बे समय से उठती रही है, यह कोई नई मांग नहीं है।”
बलिया के ही व्यवसायी प्रवीण तिवारी का कहना है कि “देश-दुनिया बहुत आगे बढ़ चुकी है। लेकिन बलिया सिर्फ राजनीति के भंवर में फंस कर रह गया। इस राजनीति ने बलिया को कुछ नहीं दिया। एयरपोर्ट वक्त की जरूरत है। बलिया के लोगों का भी विकास होना चाहिए। एयरपोर्ट शुरू होने पर रोजगार और बिजनेस को लेकर काफी संभावनाएं बढ़ जाएंगी।”
लंबे समय से उठ रही है मांग: लगभग तीन साल पहले 2018 में रसड़ा के विधायक उमाशंकर सिंह ने विधानसभा में हवाई पट्टी बनाने की मांग की थी। उमाशंकर सिंह ने कहा था कि बलिया ने देश में सबसे पहले अंग्रेजों से लड़ाई लड़कर आजादी हासिल की थी। लेकिन आज भी आपदा के समय यहां विकट स्थिति पैदा हो जाती है। बाढ़ आने पर आवागमन के सभी रास्ते बंद हो जाते हैं। क्योंकि बलिया जिला गंगा, घाघरा और टोंस नदी से घिरा हुआ है। ऐसे में बलिया जिले में एक हवाई पट्टी बनाया जाना चाहिए।
2018 में ही करपात्री धाम के संत अभिषेक ब्रह्मचारी और युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने तत्कालिन केंद्रीय उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु से मुलाकात की थी। सुरेश प्रभु से बलिया जिले में एयरपोर्ट बनाने की मांग की गई थी। अभिषेक ब्रह्मचारी और रोहित कुमार सिंह ने सुरेश प्रभु को ज्ञापन देकर स्वतंत्रता सेनानी मंगल पाण्डेय के नाम पर एयरपोर्ट निर्माण की मांग रखी थी।
गौरतलब है कि बलिया जिले का एक समृद्ध इतिहास रहा है। बलिया ने देश को चंद्रशेखर के रूप में प्रधानमंत्री दिया था। लोकनायक कहे जाने वाले जयप्रकाश नारायण इसी बलिया की धरती पर जन्मे थे। स्वतंत्रता सेनानी चित्तु पाण्डेय, भृगु महाराज, वैज्ञानिक जगदीश शुक्ला, डॉ. आर. ए. पाण्डेय, भोजपुरी के बड़े कवि बुलाकी दास, उपन्यासकार हजारी प्रसाद द्विवेदी इसी बलिया की देन हैं। इन सभी लोगों ने अपने-अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है। तमाम राजनीतिक दल नए-नए वादे कर रहे हैं। अब देखने वाली बाद होगी कि प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार बलिया के जनता की मांग पर क्या रुख अपनाती है? साथ ही यह भी देखना दिलचस्प होगा कि सपा, बसपा या कांग्रेस जैसी राजनीतिक पार्टीयां बलिया में एयरपोर्ट निर्माण को लेकर क्या कोई वादा करेंगी?
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