बलियाः बिजली विभाग के द्वारा मीटर रीडिंग और बिलिंग प्रकिया में करोड़ों की अनियमितता का मामला उजागर हुआ है। लंबे समय से यह कहा जा रहा है कि उपभोक्ता बिल नहीं भर रहे लेकिन असलियत में उन्हें बिल ही नहीं भेजा रहा है। जिले में मीटर रीडिंग और बिलिंग का काम देखने वाली बेंगलुरु की कंपनी क्वेस कार्य लिमिटेड के कर्मचारी मीटिंग रीडिंग करने ही नहीं जाते।
न ही बिलिंग का कोई काम करते लिहाजा कई उपभोक्ताओं को बिल तक नहीं भेजे गए। बता दें कि कंपनी को ऊर्जा निगम प्रति बिल के बदले 15.98 रुपये का भुगतान करता है। कंपनी के लगभग 300 कर्मचारी जिले में कार्यरत हैं। इन पर उपभोक्ताओं के बिजली मीटर की रीडिंग लेने और बिलिंग की जिम्मेदारी है लेकिन यह कर्मचारी लोगों के घर जाए बिना ही रीडिंग और बिलिंग की लिस्ट बना देते हैं। जब 70 उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग की जांच हुई तो बड़ी चोरी पकड़ में आई।
कंपनी के द्वारा अनिययमिता का खुलासा उस वक्त हुआ जब चार विद्युत वितरण खंड से 1,048 कनेक्शनधारक चयनित किए गए। ये वह लोग थे, जिन्हें बिल उपलब्ध कराने का दावा कंपनी ने किया था। एक से तीन अक्टूबर 2022 तक बिजली विभाग के कर्मचारियों ने जांच की तो 441 लोगों ने बताया कि उन्हें बिल ही नहीं मिला। जबकि 577 ने बिल मिलने की बात कही। कर्मचारियों ने 39 उपभोक्ताओं के मीटर की आकस्मिक रीडिंग ली। उनके मीटरों पर 1,09,648 यूनिट स्टोर मिला यानी इतनी यूनिट बिजली की बिलिंग में शामिल ही नहीं किया गया।
इसके अलावा 31 उपभोक्ताओं के यहाँ 85,550 यूनिट स्टोर मिला, यानी इतनी यूनिट को रीडिंग ही नहीं ली। इसके अलावा भी कंपनी की दादागिरी के वाकये सामने आए हैं। बांसडीह की अजोरिया देवी पर 91,521 रुपये का बिजली बिल बकाया था। उनकी मौत हो गई थी। 28 दिसंबर, 2021 को परिवार के आत्मा राजभर ने नाम परिवर्तित कराने और सौ फीसद बकाएदारी खत्म करने को मोटर सैंडर अर्जुन पासशन को 25 हज़ार रुपये दिए। वह काम आज तक नहीं हुआ। सहतवार के राजेंद्र पासवान प 39,799 रुपए बकाया है। उनसे यह खत्म करने के लिए मीटर रीडर राजू रावत ने रुपये की डिमांड की। राजेंद्र से 25 हजार रुपये लिए और बकाया नहीं जमा करचोखाधड़ी करते हुए नया विद्युत संयोजन दिलवा दिया राजे का है। अब उपभोक्ता ने कार्रवाई लिए उपखड सहतवार में पत्र और बिल प्रस्तुत किया है।।
कई केसों में सामने आया कि कर्मचारियों के द्वारा खपत होने के बावजूद रीडिंग नहीं ली गई और करीब 1.95 लाख यूनिट चलते विभाग को करीब 9.75 लाख रुपये का राजस्व नहीं मिल सका। अब कंपनी को नोटिस जारी करते हुए अनुबंध निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निर्देशक को कंपनी के फर्जीवाड़े का विस्तृत रिपोर्ट भेजते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
बलिया विद्युत वितरण खंड अधीक्षण अभियंता आरके जैन का कहना है कि 70 उपभोगताओं का मामला सामने आया है। जांच होने पर लंबा गोलमाल सामने आएगा। उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा है। जिम्मेदारों पर कार्रवाई जरूर की जाएगी। कोई लापरवाही नहीं होगी, यह विभाग के राजस्व का सवाल है।
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