खोजी पत्रकारिता करने वाली न्यूज़ वेबसाइट ‘कोबरापोस्ट डॉटकॉम’ ने एक स्टिंग ऑपरेशन कर मीडिया संस्थानों पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
‘द हिंदू’ अख़बार में प्रकाशित एक रिपोर्ट में स्टिंग ऑपरेशन के हवाले से कहा गया है कि मीडिया में पेड न्यूज़ बड़े पैमाने पर स्वीकार्य है.
कोबरापोस्ट ने सात टीवी चैनलों, छह समाचारपत्रों, तीन वेब पोर्टलों और एक समाचार एजेंसी के कर्मचारियों पर ये स्टिंग ऑपरेशन किया है.
रिपोर्ट के मुताबिक कोबरापोस्ट ने दावा किया है कि भारत के कई मीडिया संस्थान हिंदुत्व की विचारधारा को बढ़ावा देने और विपक्ष के नेताओं पर लांछन लगाने के बदले 6 करोड़ रुपये से लेकर 50 करोड़ रुपये तक लेने के लिए तैयार थे.
कोबरापोस्ट ने स्टिंग ऑपरेशन का पहला हिस्सा अभी जारी किया है और कहा है कि इसका अगला हिस्सा अप्रैल में जारी किया जाएगा.
स्टिंग ऑपरेशन में कोबरापोस्ट के पत्रकार ने समाचार माध्यमों के प्रतिनिधियों को हिंदुत्व को बढ़ावा देने, विपक्ष के नेताओं पर लांछन लगाने के बदले कैश भुगतान करने, विज्ञापन ख़रीदने के प्रस्ताव दिए, जिन्हें स्वीकार कर लिया गया.
मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों को किसानों को माओवादी बताने, न्यायिक फ़ैसलों पर सवाल उठाने, क़ानून के क्षेत्र के कुछ लोगों को बदनाम करने के बदले भी पैसे देने का प्रस्ताव दिया गया.
कोबरापोस्ट का कहना है कि लगभग सभी मीडिया संस्थान ये प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए आतुर थे.
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