रिश्वत लिए जाने के आरोप में सीतापुर जिले की सिधौली तहसील के तहसीलदार सुभाष मणि त्रिपाठी और राजस्व लिपिक संजय भार्गव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है. वहीं तहसील के तत्कालीन उपजिलाधिकारी प्रेम प्रकाश को विशेष परिनिन्दा प्रविष्टि दी गई है. सरकार की तरफ से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि 3 मार्च को रिश्वत का वीडियो वायरल हुआ, जिसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने आरोपित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए.
इस वीडियो में तहसीलदार सिधौली के आवासीय परिसर में राजस्व लिपिक को हैसियत प्रमाण पत्र जारी करने सम्बन्धी पत्रावलियों पर अग्रिम कार्यवाही करने के लिए रिश्वत लेते हुए दिखाया गया है. इस वीडियो में प्रत्यक्ष रूप से राजस्व लिपिक की सत्यनिष्ठा संदिग्ध प्रतीत होती है और साथ ही तहसीलदार की भी संलिप्तता प्रतीत होती है. इस संलिप्तता के दृष्टिगत राजस्व लिपिक और तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है.
दोनों के खिलाफ अनुशासनात्मक/विभागीय कार्रवाई की जा रही है. वहीं मामले में सिधौली तहसील के तत्कालीन उपजिलाधिकारी का शिथिल पर्यवेक्षण विदित होता है, जिसके चलते उन्हें विशेष परिनिन्दा प्रविष्टि दी गई है. राजस्व लिपिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं.
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