बिल्थरारोड डेस्क– कोरोना के चलते लॉक डाउन घोषित होने के बाद से ही लोगों ने मदद का हाथ बढ़ाना शुरू कर दिया। नेकीयत का यह काम शहर में ही नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी लोग कर रहे हैं। जो रोजाना कमाते और खाते थे। फिर भी वो महामारी से निपटने में प्रशासन और सरकार के साथ खड़े हैं। ऐसे लोगों के सामने राशन का संकट खड़ा न हो, इसलिए समाजसेवी और स्वयंसेवी संस्थाओं ने मदद का हाथ बढ़ाया है।
लॉक डाउन पर बन्दी के बाद सुपेली, दौरी, सुप आदि बेचकर अपनी जीविका चलाने वाले बसफोर जाति के लोग व भीख मांगकर अपना पेट भरने वाले भुखमरी के कगार पर आ गए लोगो को शुक्रवार को तहसीलदार जितेन्द्र कुमार सिंह और समाजसेवी इमरोज रसीद ने पहुँचकर सभी को खाना खिलाया और नमकीन, बिस्कुट दिया। नगर के कुंडैल ढाला के समीप बसफोर जाति के लोग बॉस की सुपेली, सुप, दौरी आदि बनाकर अपने परिवार का भरण पोषण करते है।
बन्दी के चलते विक्री न होने से इनका पूरा परिवार भुखमरी के कगार पर आ गया है। साथ ही भीख मांगकर बाजार में गुजरा करने वाले बाजार बंद होने से ये भी भूख प्यास से परेशान है। शुक्रवार को तहसीलदार जितेन्द्र कुमार सिंह और समाजसेवी इमरोज़ रसीद कुण्डैल ढाला और रेलवे स्टेशन रोड पर पहुँचकर इन गरीब, लाचार महिलाओं, पुरुषों और बच्चो को खाना खिलाया।
और बच्चो को अलग से खाने का बिस्कुट और नमकीन भी दिया। खाना, नमकीन, बिस्कुट मिलते ही गरीबो के चेहरे पर मुस्कान आ गयी। इस मौके पर तहसीलदार जितेन्द्र सिंह ने कहा कि सभी लोगो का कर्तव्य है। इस मौके पर मक्की अजीज, ताहिर, राम सिंह यादव व अन्य मौजूद रहे
तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद रसड़ा की राजनीतिक तस्वीर बदल…
फेफना विधानसभा सीट पर 2027 को लेकर जनता का मूड क्या है? विधायक संग्राम सिंह…
सिकंदरपुर विधानसभा में 2027 की तैयारी शुरू हो चुकी है। विधायक जियाउद्दीन रिजवी के कार्यकाल…
बेल्थरा रोड (सुरक्षित) विधानसभा सीट पर 2027 का मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। विधायक हंसू…
बैरिया विधानसभा में 2027 को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। विधायक जय प्रकाश अञ्चल…
बांसडीह की राजनीति हमेशा से बलिया की सबसे चर्चित सियासी ज़मीन रही है। 2027 से…