महागठबंधन को लेकर बड़ी खबर आरही है . बहुजन समाज पार्टी ने महागठबंधन को बड़ा झटका दिया है . बसपा ने बिहार में अकेले चिनव लड़ने आदेश का फैसला किया है . मध्य प्रदेश की तरह अब बिहार में भी बहुजन समाज पार्टी ने महागठबंधन से किनारा साध लिया है . बहुजन समाज पार्टी ने बिहार में सभी ४० सीटों पर लड़ने का फैसला किया है .
बसपा सुप्रीमो मायावती ने इसके लिए बैठक बुलाई जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने बताया बसपा अकेले लड़ेगी और सभी ४० सीटों पर अपने कैंडिडेट खड़ा करेगी . उन्होंने बताया पूरे प्रदेश में बसपा का प्रचार प्रसार जोरो से चल रहा है . उम्मीदवारों के सन्दर्भ में पार्टी सुप्रीमो मायावती ने 28 फ़रवरी को बैठक बुलाई है .
आपको बता दें बिहार में भले ही बहुजन समाज पार्टी अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी लेकिन उत्तर प्रदेश बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी एक साथ चुनाव लड़ रही है . उत्तर प्रदेश की 80 सीटों पर सपा बसपा का गठबंधन हुआ है 80 सीटो में सपा 37 और बसपा 38 सीटो पर चुनाव लड़ेगी . अमेठी और रायबरेली की सीट पर नहीं उतरेंगे कोई प्रत्याशी.
2014 लोकसभा चुनाव में बसपा को एक भी सीट नहीं मिली थी . वहीँ समाजवादी पार्टी को सिर्फ 5 ही सीटें हासिल हुई थी और भारतीय जनता पार्टी ने सहयोगी दलों के साथ लगभग 73 सीटें हासिल की थी . इस बार भाजपा का सीधा मुकाबला सपा-बसपा गठबंधन से है . सर्वे की माने तो गठबंधन को ठीक ठाक सीटें मिल सकती है . वही दूसरी तरफ कांग्रेस ने 2014 लोकसभा चुनाव में २ सीटें हासिल की थी . लेकिन इस बार प्रियंका गाँधी के सक्रीय राजनीती में आने के बाद पार्टी को उत्तर प्रदेश में भार मिला है और अनुमान लगाया जा रहा है कि कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में इस बार २ ज्यादा सीटों के मिलने की उम्मीद है .
बसपा सुप्रीमो मायावती के फैसले से सब हैरान है कि सपा के साथ गठबंधन में मौजूद रहने के बावजूद मायावती ने बिहार में अकेले लड़ने का फैसला किया है .
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