बलिया। बलिया के जिला अस्पताल का हाल कैसा है ये किसी से छुपा नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की कमजोर इच्छा शक्ति, जगह-जगह अव्यवस्था, चिकित्सकों व अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की घोर कमी से जूझ रहे यहां के जिला अस्पताल का ब्लड बैंक भी कंगाली के कगार पर दिख रहा है।
खबर के मुताबिक यहाँ के ब्लड बैंक में फिलहाल ‘ए निगेटिव का मात्र तीन यूनिट खून है। इसके अलावा अन्य ग्रुप का एक यूनिट ब्लड भी नहीं है। अगर आपातकाल में यहां एक साथ आधा दर्जन लोगों को खून की जरूरत पड़े तो उसे पूरा नहीं किया जा सकता है। वैसे भी यहां खून की कमी से न जाने कितनी जाने यूं हीं चली गई है, पर इस महत्वपूर्ण मसले पर कहीं से कोई गंभीरता नहीं बरती जा रही है।
बताया जाता है कि जिलेवासियों को आसानी से खून की आवश्यकता पूर्ति के लिए जिला अस्पताल में 350 यूनिट ब्लड रखने की क्षमता वाले ब्लड बैंक की स्थापना हुई। खून को सुरक्षित रखने के लिए दो फ्रिजरों की भी व्यवस्था है। लेकिन बिडम्बना यह है कि ब्लड बैंक में पिछले 10 वर्षों से पैथलाजिस्ट ही नहीं है।
लिहाजा एलटी के सहारे ब्लड बैंक को चलाया जा रहा है। खून की कमी के पीछे रक्तदान करने के प्रति जागरूकता में आयी कमी है। क्योंकि जिले में रक्तदाता काफी कम हैं और खून की आवश्यकता लोगों को अधिक है।
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