प्रदेश सरकार राशन वितरण करवाती है ताकि कोई गरीब भूखा न रहे लेकिन शासन की इस योजना में भ्रष्टाचार चरम पर है। ताजा मामला बलिया से जहां राशन वितरण में बड़ा गोलमाल सामने आया है। जहां योजना के तहत मिलने वाला राशन गरीबों के घर न पहुंचकर अमीरों की झोली भर रहा है। बड़ी संख्या में अपात्र राशन वितरण का लाभ ले रहे हैं और पात्र हितग्राही राशन से वंचित हैं।
वहीं शासन ने भी कई बार माना है कि जिले में अपात्रों के राशन कार्ड बनाए गए हैं। जिससे मुफ्त राशन वितरण प्रणाली में बड़ा घोटाला हो रहा है। अधिकारियों ने जब जांच कि तो खुलासा हुआ कि जिले में 792 काश्तकार ऐसे हैं, जो राशनकार्ड बनवाकर सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से राशन ले रहे हैं। इसके बाद दूसरी सूची में 92 और किसान मिले। वहीं अपात्रों के द्वारा मुफ्त राशन लेने का खेल उजागर होते ही विभाग ने सख्त एक्शन की तैयारी कर ली है।
बलिया के जिला पूर्ति अधिकारी कृष्ण गोपाल पांडेय का कहना है कि 874 किसानों में किसने कितना गेहूं बेचा है, इसका आंकड़ा जुटाया जा रहा है। दरअसल, गेहूं की खरीद करने के लिए पीसीएफ और अन्य इकाइयों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन किसानों के राशन कार्ड निरस्त होंगे, जिन्होंने राशन लेने के साथ ही गेहूं की बिक्री की है। ऐसे लोगों का डाटा शासन द्वारा विभाग को उपलब्ध कराया गया है, जिसकी आपूर्ति निरीक्षकों द्वारा जांच कराई जा रही। रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
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