बलिया के सुरहाताल को अब वेटलैंड के लिए रुप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए काम शुरु हो गया है। सबसे पहले सुरहाताल पानी की सैंपलिंग कराई गई। पानी जांच में अच्छा निकला। अब अगले कदम के रुप में प्रदूषण नियंत्रण विभाग कुछ जांचे कर रहा है। सुरहाताल प्रदेश के सबसे बड़े ताल में एक है, जो 24.9 वर्ग किलोमीटर में फैला है। बरसात के दिनों में इसका क्षेत्र 34.32 वर्गी किमी या 42.32 वर्ग किमी तक हो जाता है। हालांकि गर्मी में इसका क्षेत्रफल 21 वर्ग किमी तक सिमट जाता है।
पक्षी विहार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। सुरहाताल में नौकायन आदि की सुविधा दी जा सकती है। यदि सुरहाताल को वेटलैंड के रूप में विकसित किया जाता है तो यहां वाटर रिजर्व वायर, वाटर रिचार्ज और वाटर स्पोर्ट्स जैसे कार्य हो सकते हैं। क्षेत्री प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी कालिका सिंह का कहना है कि सुरहाताल के वेटलैंड के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक्शन प्लान के तहत यहां के पानी की जांच की गई है। पानी की गुणवत्ता अच्छी है। अभी कई और जांच करनी है। इसके बाद सर्वे और डीपीआर बनाने का कार्य शुरू किया जा सकता है।
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