बलिया। लखनऊ में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का निजी सचिव बनकर नेताओं को मंत्री बनाने, विधायक और विधान परिषद का टिकट दिलाने का झांसा देकर लोगों को अपना शिकार बनाते थे फिर उनसे कोरोड़ों की ठगी करते थे। क्राइम ब्रांच व हजरतगंज पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को धरदबोचा। इनमें एक बलिया का युवक भी शामिल है। फिलहाल दो आरोपी फरार है। जिनकी तलाश जारी है।
प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज श्याम बाबू शुक्ला से मिली जानकारी के मुताबिक गिरोह ने प्रयागराज निवासी महिला नेता को मंत्री बनाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की थी। इसको लेकर हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि कुछ दिन पहले कुछ लोग उनसे भाजपा कार्यालय पर मिले। जिन्होंने खुद का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का करीबी बताया। आरोपियों ने महिला को विश्वास दिलाने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री के साथ की कई तस्वीरे भी दिखाई।
आरोपियों ने महिला से कुछ देर की बातचीत में ही उनको प्रदेश सरकार में मंत्री पद दिलाने का वादा किया। लेकिन इसके बदले में महिला से 1 करोड़ देने की मांग रखी। महिला के हामी भरते ही जानसाजों ने उसे टोकन मनी देेने को कहा। रीता सिंह से जालसाजों ने 4 लाख रुपये का टोकन मनी जमा कराया। इसके बाद अगले विस्तार में मंत्री बनाने का भरोसा दिया। लेकिन जब महिला ने मंत्री बनाने को लेकर आरोपियों ने बातचीत की तो वो टालमटोल करने लगे।
पूरे मामले को लेकर पुलिस ने सख्ती से जांच शुरु की जिसके बाद आरोपी पकड़ में आए। एसीपी क्राइम ब्रांच प्रवीण मलिक ने बताया कि पकड़े गये जालसाजों में दो उत्तराखंड के उधमसिंह नगर से जुड़े हैं। इनमें शमीम अहदम खान उधमसिंह नगर के संजय कालोनी का रहने वाला है। वहीं हसनैन अली इस्लामनगर का। एक आरोपी हिमांशु सिंह बलिया के रानीगंज कोटवा का रहने वाला है। वहीं जाने आलम बरेली के नवाबगंज का रहने वाला। जालसाजों में गिरफ्तार हसनैन अली ही सभी क्षेत्रीय व स्थानीय नेताओं को मंत्री, एमएलए और एमएलसी बनाने के लिए बात करता था। वह खुद को गृहमंत्री अमित शाह बताता था। उसके साथ के लोग अपने मोबाइल में हसनैन का नाम भी गृृहमंत्री के नाम से सेव कर रखे थे। वहीं उनके नंबर पर कॉल करते थे। ताकि किसी को संदेह न हो। वहीं नवाबगंज का शाहिद गृहमंत्री अमित शाह का निजी सचिव बनता था। उसने कई बार रीता सिंह को कॉल कर गृहमंत्री बने हसनैन से बात कराई थी।
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह छोटे स्तर के भाजपा नेताओं को अपना शिकार बनाते थे। इन नेताओं के सामने वह खुदकर बड़ा नेता और उनका पीए बताते थे। बाद में नेताओं को विधानसभा व विधान परिषद का टिकट दिलवाने और मंत्री बनाने का भरोसा दिलाते थे कि उन्हें टिकट या मंत्री पद मिल जाएगा। इसके बाद टोकन मनी लेकर भाग जाते थे। आरोपितों ने खुद को केंद्रीय गृह मंत्री और उनके पीए के नाम पर एक करोड़ रुपये टोकन मनी मांगे थे। वहीं इस गिरोह के दो सदस्य फरार है। जिनमें बरेली के नवाबगंज का शाहिद और उधमसिंह नगर के सिसैया सितारतगंज का बब्लू उर्फ विजय शामिल है। जिनकी तलाश की जा रही है।
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