बलिया– केंद्र की मोदी सरकार आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के गरीबों को फायदा पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। इस योजना की पोल खोलने वाली हकीक़त बलिया जिले में सामने आई है ।
खबरों के मुताबिक बलिया में आर्थिक तंगी से परेशान एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। नरही थाना क्षेत्र के कोट मंझरिया में 6 वर्ष से बीमार चल रहे युवक ने अचानक खुदकुशी कर ली। लोगों का कहना है कि युवक के घर में खाने के लिए एक वक्त की रोटी की भी व्यवस्था नहीं हो पा रही थी।
उसके पास इलाज कराने के पैसे भी नहीं थे, जिससे परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली। युवक की पत्नी ने बताया कि बीजेपी सरकार में मंत्री उपेंद्र तिवारी से पति के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए बहुत बार कहा लेकिन किसी ने नहीं सुना। घटना के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस घटना की जांच कर रही है।
दरअसल, युवक के घऱ किसी तरह की सरकारी योजनाएं भी नहीं पहुंची थी। युवक की पत्नी का कहना है कि उसके पति 6 साल से बीमार चल रहे थे लेकिन किसी भी तरह का उन्हें सरकारी मदद नहीं मिला। महिला ने अपने पति के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए बीजेपी सरकार में मंत्री उपेंद्र तिवारी का दरवाजा भी खटखटा चुकी है। लेकिन कोई भी इसकी मदद करने को तैयार नहीं था। आखिरकार आर्थिक तंगी से तंग आकर युवक ने अपनी जान दे दी। युवक की 13 साल की बेटी और 11 साल का एक बेटा है।
युवक की 13 साल की बच्ची ने बताया कि उसके पिता रात में कमरे में सो कर बाहर सोने चले गए। जब थोड़ी देर बाद उसकी मां बाहर पहुंची तो युवक बाहर नहीं था। यह देखकर मां लड़की से पूछने लगी पापा कहा था। लड़की बाहर दौड़कर गई और उसकी नजर मवेशी के कमरे में गई तो देखा कि उसके पिता फांसी पर लटके थे।
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