गोरखपुर के सहजनवां-दोहरीघाट के बीच नई रेल लाइन बिछाने का रास्ता साफ हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 81 किलोमीटर लंबी इस परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। परियोजना की अनुमानित लागत 1319.75 करोड़ रुपये है।इसे पूरा करने के लिए साल 2023-24 तक का लक्ष्य रखा गया है। इस नई रेल लाइन के बिछने से दक्षिणांचल में करीब 10 लाख से ज्यादा लोग सीधे रेल सेवा का फायदा उठा पाएंगे। साथ ही धर्मनगरी वाराणसी से गोरक्षनगरी तक आने की दूरी भी कम हो जाएगी। इसके अलावा छपरा से लखनऊ तक आने के लिए एक विकल्प मार्ग भी मिल जाएगा।
इस नई रेल लाइन को बिछाने के लिए पहले ही सर्वे हो चुका है। बता दें कि मार्च 2019 में इस परियोजना के शिलान्यास का कार्यक्रम भी तय हो गया था लेकिन ऐन वक्त पर स्थगित कर दिया गया। प्रस्ताव के मुताबिक सहजनवां से दोहरीघाट के बीच चार स्टेशन बनाए जाएंगे।
सहजनवां से दोहरीघाट तक नई रेल लाइन बिछने से वाराणसी से गोरखपुर आने के लिए करीब 60 किलोमीटर कम दूरी तय करनी होगी। दोहरीघाट से इंदारा के बीच रेल लाइन के दोहरीकरण को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। परियोजना पूरी होने के बाद वाराणसी, औड़िहार, मऊ, इंदारा, दोहरीघाट होकर सहजनवां के रास्ते गोरखपुर ट्रेनें चलने लगेंगी। इससे करीब एक घंटे का समय भी बचेगा।
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