बलिया के युवाओं की नसों में घुल रहा नशा, ‘उड़ता पंजाब’ बन रहा बैरिया

बलिया। युवा किसी भी देश का भविष्य होते हैं। युवाओं की प्रगति पर ही देश का विकास निर्भर करता है। या यूं कहें कि युवा ही वह नींव है जिसके दम पर विकास की इमारत खड़ी होती है। लेकिन अब देश के विकास की यह नींव डगमगाने लगी है। जिनके कंधों पर देश का भविष्य है वह युवा नशे का शिकार बनते जा रहे है। खास तौर पर बैरिया क्षेत्र में युवा नशे की दलदल में फंसते जा रहे हैं और जिम्मेदार आंख मूंद कर बैठे हैं।

नशे की दलदल में फंसे युवा– एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बैरिया क्षेत्र में युवाओं को नशा का रोग लग गया है। यहां युवा हेरोइन के आदी बन गए हैं। जिस दिन मंहगा नशा नहीं मिलता हो गांजा और शराब का सेवन करते हैं। जब नशे को जी तिलमिलाने लगता है तो युवा खांसी का सिरप और पंक्चर साटने वाले सुलेशन को लेने से गुरेज नहीं करते, और नशे का यह पूरा कारोबार किराने की दुकान से ही संचालित हो रहा है।

किराने की दुकान परोस रही नशा– इलाके में किराने की दुकानें युवाओं के बीच नशा परोस रही हैं। यहां राशन के साथ अब ग्राहकों को हेरोइन व गांजा भी बेचा जा रहा है। युवा जब चाहें इन दुकानों से नशे का सामान खरीदते हैं। जनप्रतिनिधि से लेकर पुलिस अधिकारियों तक सबको इन नशे के धंधे की ख़बर है लेकिन हैरानी की बात है कि इस नशे के कारोबार को बंद करने कोई कदम नहीं उठाए जा रहे।सू त्रों के मुताबिक पुलिस ने 9 नवंबर 2020 को 50 पुड़िया के साथ बैरिया नगर पंचायत निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया था लेकिन पुलिस ने कार्रवाई में ढील बरती और युवक को जमानत मिल गई। जिसके बाद से नशा तस्करों के हौंसले बुलंद होने लगे।

ऐसे फैला है नशे का कारोबार– नशे के कारोबारी अब हेरोइन को बिहार के रास्त लाकर अपने एंजेटों के माध्यम से रानीगंज बाजार, सुरेमनपुर, बैरिया, लालगंज, रामगढ़ और हल्दी तक आसानी से पहुंचा देते हैं। जहां से हेरोइन की लत युवाओं के साथ-साथ ऑटो-मोटर चालकों के द्वारा होम डिलेवरी कर लगवा दी जा रही है। बाद में अपने ठिकाने तक बुलाकर डबल रेट तक देना शुरु कर दे रहे हैं। यह कारोबार जमकर फल-फूल रहा है, जिसके कारण नशे में लिपटे युवा अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो एक बड़ी तबाही हो सकती है।

Rashi Srivastav

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