बिजली कटौती से बलिया बेहाल, शहर और गांवों में सिर्फ इतने घंटे मिल रही बिजली

बलिया। पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी और उमस पड़ रही है। उत्तर प्रदेश में जिले में शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में लोग गर्मी से बेहाल हैं। मगर शहर और गांवों में जबरदस्त बिजली कटौती हो रही है। कहने को तो शहरों में 24 घंटे बिजली दी जाती है, लेकिन आ महज 15-16 घंटे रही है। वहीं गांवों में कहने को सरकार कहती है 18 घंटे बिजली दी जाती है लेकिन गांवों में सिर्फ 8-9 घंटे बिजली आ रही है।अगर यही बिजली कटौती राजधानी लखनऊ झेल जाए तो मुख्यमंत्री से लेकर ऊर्जा मंत्री और सभी मंत्री-अधिकारी हाहा कार मचा दें।

लेकिन आम आदमी गर्मी को झेलने के अलावा क्या कर सकता है। बलिया में इस समय अघोषित बिजली कटौती से शहर से गाँव तक के लोगों को परेशान कर दिया है। बलिया शहर में बिजली कटौती का आलम यह है कि लोग अपने घरों से बाहर निकल कर या तो सड़क पर टहल रहे हैं या घर की छतों पर हाथ पंखा हिला रहे हैं। सोमवार को की शाम से लेकर आधी रात तक शहर में बिजली कटौती हुई। शहर में तो लोग गर्मी से हलकान हैं। गांवों में किसानों को गर्मी के साथ-साथ धान की खेती की चिंता सताने लगी है।

क्योंकि किसानों को धान के बीज तैयार करने हैं, मगर बिजली है कि आती महज 8 घंटे है। जिसकी वजह से धान को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा। बिजली कटौती की वजह से लोगों में भारी गुस्सा है। वहीं बिजली कटौती से लोगों द्वारा मिल रही शिकायतों से संसदीय कार्य ग्राम्य विकास राज्यमंत्री आणंद स्वरूप शुक्ल ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों व्यवस्था में सुधार को लेकर बैठक की। मंत्री ने ट्रांसफार्मर के जलने पर त्वरित बदलने के लिए आवश्यक निर्देश दिए कि अनावश्यक कटौती की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।

रही सही बिजली जो आ रही है उसमें दिक्कत ये है कि, लो वोल्टेज की समस्या आ रही है, जिसकी वजह से एलईडी बल्ब भी जलाना मुश्किल हो गया है ओवरलोड के चलते बहुत तेजी से बिजली का फॉल्ट होता है। इसके चलते कई घंटों तक बिजली बाधित रहती है। वहीं कभी भी बिजली की आपूर्ति लगातार आठ घंटे तक नहीं मिलती। आपूर्ति होती है तो कटौती का सिलसिला पूरी रात चलता है।

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