बलिया डेस्क : बलिया के बैरिया विधान सभा के तिवारी के मिल्की गांव का प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया है। जिसका गांव के लोगों ने विरोध करते हुए बुधवार को तहसील में ज़ोरदार प्रदर्शन किया। गांव की प्रधान पद की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किये जाने पर ग्रामीणों ने नाराज़गी जताते हुए कई बड़े आरोप लगाए।
गांव वालों का कहना है कि ब्लॉक प्रशासन ने अपने स्वार्थ के लिए गांव की जाति के आधार पर ग़लत जनसंख्या पेश की है, जिसके आधार पर गांव का प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने ब्लॉक प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए तहलीसदार शिवसागर दुबे को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया कि अगर चकगिरधर ग्राम पंचायत की प्रधान पद की सीट का आरक्षण नहीं बदला गया तो ग्राम पंचायत के तमाम लोग मतदान का बहिष्कार करेंगे।
बता दें कि इस गांव में 2011 की जनगणना में सामान्य जाति के लोगों की जनसंख्या 298 बताई गई है, जबकि वहां मतदाता सूची के अनुसार मतदाताओं की संख्या 600 से ज़्यादा है। वहीं अनुसूचित जाति की जनसंख्या 262 बताई गई है, जबकि मतदाता सूची में उनकी संख्या 110 ही है। तहसीलदार को ज्ञापन देने वालों का नेत़ृत्व रतन तिवारी ने किया।
इस दौरान उनके साथ शिवनारायण राम, सहदेव राम, अजय राम, अजय कुमार तिवारी, कमलाकर तिवारी, अनिल राम, अजय कुमार राम, रोहित राम, शैलेश कुमार राम, विद्यावती देवी, लीलावती देवी, सीमा देवी, लचिया देवी, उर्मिला देवी सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
फिलहाल तहसीलदार शिवसागर दुबे ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर किसी तरह से वापस लौटा दिया है। तहसीलदार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होगा।
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