प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मई 2016 को बलिया से उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी, लेकिन धरातल पर उज्जवला योजना का असर नहीं दिख रहा है। बढ़ती मंहगाई से उज्जवला के चूल्हे बंद हो गए हैं। महिलाएं गैस सिलेंडर नहीं खरीद पा रहीं और लकड़ी-उपले की आंच पर भोजना पकाने लगी हैं।
जिले में करीब एक लाख 75 हजार लाभार्थियों को नि:शुल्क गैस कनेक्शन दिया गया है, लेकिन वर्तमान में सिलेंडर 1184 रुपये का आ रहा है। ऐसे में लाभार्थी सिलेंडर नहीं भरा पा रहे हैं। हालांकि रसोई गैस मुहैया कराने वाली कंपनियों का दावा है कि जिले में 80 फीसद से अधिक लाभार्थी गैस की रिफीलिंग करा रहे हैं।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मई 2016 को बलिया से उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। योजना के तहत गरीब महिलाओं को सरकार की ओर से निशुल्क रसोई गैस कनेक्शन व चूल्हा दिया गया था। लेकिन अब महिलाएं इस योजना के लाभ से वंचित हो रही हैं।
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