Categories: बलिया

बलिया: घोटाले की जांच करने आए अधिकारी ने लगाया जान से मारने की धमकी का आरोप

बलिया के दो गांवों में मनरेगा योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए घोटाले की जांच करने पहुंचे आजमगढ़ मंडल के संयुक्त विकास आयुक्त को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के ग्राम्य विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव और निजी सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा ने आरोप लगाया है कि घोटाले की जांच करने जाने पर बेलहरी विकास खंड के खंड विकास अधिकारी दीपक त्रिवेदी ने कुछ दबंगों के साथ मिलकर उन्हें धमकाया। पीएन वर्मा का आरोप है कि खंड विकास अधिकारी ने सूचना लेने जाने पर शराब पीकर गाली-गलौज भी की।

क्या है पूरा मामला? इस मामले को शुरू से समझते हैं। आजमगढ़ मंडल के संयुक्त विकास आयुक्त हैं पीएन वर्मा। उन्होंने ग्राम्य विकास सचिव और निजी सचिव को लिखे पत्र में इस मामले को शुरू से अंत तक बताया है। पीएन वर्मा ने लिखा है कि उत्तर प्रदेश सरकार के ग्राम्य विकास राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला के आदेश पर वे बेलहरी विकास खंड के दो गांवों सुल्तानपुर और भरहता में मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए घोटाले की जांच करने गए थे।

पीएन वर्मा के अनुसार पिछले दिनों इस मामले में सूचना हासिल करने के लिए बलिया के विकास भवन गए। लेकिन विकास भवन में उन्हें जरूरी सूचनाएं नहीं दी गईं और पूरे दिन फिजूल में बैठाया गया है। इसके बाद वे 26 नवंबर को सूचना और खंड विकास अधिकारी का इंतजार करते रहे। लेकिन सुबह आठ बजे से लेकर रात साढ़े आठ बजे तक उनकी मुलाकात खंड विकास अधिकारी से नहीं हो सकी।

बेलहरी विकास खंड पर इसी दिन रात साढ़े आठ बजे खंड विकास अधिकारी अपने कुछ दबंगों के साथ शराब के नशे में पहुंचे। पीएन वर्मा के मुताबिक बेलहरी विकास खंड अधिकारी दीपक त्रिवेदी ने शराब के नशे में उनके साथ गाली-गलौज की और जान मारने की धमकी दे डाली। पीएन वर्मा ने अपने पत्र में लिखा है कि दीपक त्रिवेदी ने धमकाते हुए कहा कि “आज तक किसी अधिकारी ने यहां जांच करने की हिम्मत नहीं की।”

मामला बिगड़ता देख संयुक्त विकास आयुक्त अपने अर्दली सतीश पांडेय और ड्राइवर पप्पू के साथ वहां से चले गए। अब पीएन वर्मा ने शासन को पत्र लिखकर इस मामले की जांच कर दोषी खंड विकास अधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग की है। बता दें कि “बलिया के पुलिस आयुक्त राज करन नय्यर ने बताया है कि इस मामले में कोई पत्र मिलने के बाद ही मैं कुछ कह पाउंगा।”

Akash Kumar

Recent Posts

आवास योजना में लापरवाही पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के आदेश

बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह…

4 days ago

धूप में पसीने से तरबतर एक डॉक्टर! बलिया को सुषमा शेखर जैसे नेताओं की ज़रूरत क्यों है?

सियासत में बड़े नामों की कोई कमी नहीं है। मंचों पर भाषण देने वाले नेता…

2 weeks ago

फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण…

2 weeks ago

एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन

बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से…

3 weeks ago

अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन

भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को…

3 weeks ago

जननायक की जन्मशताब्दी पर महाअभियान, बलिया में हजारों लोगों को मिलेगा निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ

जननायक चन्द्रशेखर जी की जन्मशताब्दी को केवल समारोहों तक सीमित न रखकर जनसेवा के संकल्प…

3 weeks ago