बलिया में बिजली कर्मचारियों का आंदोलन जन जनता के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। 15 सूत्रीय मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार आंदोलन होने से विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। नगर के विद्युत उपकेंद्र से भी घंटों से आपूर्ति ठप है। सिविल लाइन विद्युत उपकेंद्र से 20 घंटे से आपूर्ति नहीं है। चित्तू पांडेय चौराहा उपकेंद्र से भी दोपहर से ही आपूर्ति बंद है। कई ग्रामीण इलाकों में भी आपूर्ति चरमराने लगी है।
उधर, हालात पर नियंत्रण करने और आपूर्ति बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने जिले को दो भागों में बांटते हुए दो सुपर जोनल मजिस्ट्रेट अपर जिलाधिकारी आरके सिंह और सीआरओ एके अग्निहोत्री को तैनात किया। इसके अलावा 27 विद्युत उपकेंद्रो के लिए 3 एसडीएम सर्वेश कुमार यादव, दीपशिखा सिंह और प्रशांत कुमार नायक को जोनल मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात किया।
साथ ही अलग-अलग विभागों के 27 अधिकारियों और कर्मचारियों को पर्यवेक्षण अधिकारी के तौर पर तैनात किया। इसी तरह 16 विद्युत उपकेंद्रों के लिए तीन एसडीएम राजेश कुमार गुप्ता, अखिलेश यादव व आत्रेय मिश्रा को जोनल मजिस्ट्रेट बनाते हुए अलग-अलग विभागों के 16 अधिकारियों को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया है। सभी उपकेंद्रों के संचालन के लिए दो शिफ्टों में दो-दो आईटीआई छात्रों को तैनाती भी की गई है।
वहीं विद्युत कर्मचारियों और अधिकारियों की ओर से निजीकरण के विरोध और अन्य मांगों को लेकर बीते 3 दिनों से कार्य बहिष्कार आंदोलन जारी है। आंदोलन की वजह से गुरुवार को तीसरे दिन बिजली आपूर्ति चरमराने लगी। नगर के सिविल लाइन और चित्तू पांडेय चौराहा स्थित उपकेंद्र से घंटो से आपूर्ति ठप है। हालांकि अब देखना होगा कि आखिर प्रशासन क्या कुछ हल निकालता है। और हड़ताल कब तक जारी रहती है।
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