बलिया में बिजली कर्मचारी और प्रशासन के बीच जनता पिस रही है। हड़ताल से सबसे ज्यादा परेशानी जनता हो रही है। शहर से लेकर अब ग्रामीण क्षेत्र तक अंधेरे में डूबे हैं। एक तरफ बिजली विभाग के कर्मचारी धरना प्रदर्शन में मशगुल हैं तो दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारी हाथ पर हाथ रखकर बैठे हैं।
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को 5 दिन हो चुके हैं। अब तक कोई हल नहीं निकला है। हड़ताल की वजह से बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है। अब तो लगभग पूरा बलिया अंधेरे में डूब चुका है। लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं, जो बिजली आपूर्ति बाधित होने पर सुधार कर सके।
बता दें विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केंद्रीय नेतृत्व के आवाह्न पर धरना दिया जा रहा है। 5 दिन से पुरानी पेंशन बहाल करने के साथ ही वेतन विसंगतिया सहित 15 सूत्रीय मांगों को पूरा कराने के लिए बिजली कर्मचारी अड़े हुए हैं। जिन्हें जनता की समस्या का भी ख्याल नहीं है।
हालांकि प्रशासन ने जनता की समस्या का समाधान निकलने की कोशिश की थी जो कि लगभग फेल ही हो गई। जिन अधिकारियों को तैनात किया गया उनके फोन तक नहीं लगते ऐसे में जनता अपनी समस्या आखिर किसे बताए, ना प्रशासन सुन रहा और ना ही बिजली विभाग को सरोकार है।
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