बलिया के छात्र नेता चंद्रभानू पांडेय की कहानी, जो पुलिस के गोली के हुए थे शिकार

“मुझे अपने भाई पर फक्र है। मैं हर जन्म में उन्हें ही अपने भाई के रूप में चाहता हूं। बस एक ही बात है कि जितनी जल्दी वो इस सफर में हमारा साथ छोड़ गए अगले जन्म में ऐसा ना करें।” रुंधी हुई आवाज में बलिया से समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुशील पांडेय ये बात अपने भाई चंद्रभानू पांडेय के बारे में कहते हुए शोकमग्न होकर चुप हो गए।

पिछले तीस वर्षों से पांच दिसंबर का दिन बलिया के चंद्रभानू पांडेय के पुण्यतिथि के रूप में मनाई जा रही है। रविवार यानी आज जिले के मुरली मनोहर टाउन डिग्री कॉलेज (टीडी कॉलेज) के जयप्रकाश नारायण साभागार में चंद्रभानू पांडेय की तीसवीं पुण्यतिथि मनाई गई। सभागार में उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं सपा के बांसडीह विधायक रामगोविंद चौधरी और सपा नेता नारद राय समेत बड़ी संख्या में छात्र नेताओं ने चंद्रभानू पांडेय को श्रद्धांजलि अर्पित की।

चंद्रभानू पांडेय का जन्म 1966 में बलिया के बांसडीह स्थित बभनौली गांव में हुआ था। चंद्रभानू पांडेय के छोटे भाई सुशील पांडेय ‘कान्हजी’ बताते हैं कि “उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई गांव के ही सरकारी स्कूल से पूरी हुई। बाद में उन्होंने टीडी कॉलेज में दाखिला लिया। टीडी कॉलेज से वो छात्र संघ का चुनाव भी लड़ चुके थे। निधन के साल भी वो छात्र संघ चुनाव की तैयारी कर रहे थे।”

सुशील पांडेय बताते हैं कि “एक समय ऐसा भी आया कि वो एयर फोर्स की नौकरी करने चले गए। एक साल तक एयर फोर्स में रहने के बाद उन्होंने इस्तिफा दे दिया और लौटकर बलिया आ गए। उन्होंने एम.ए. और बी.एड की भी डिग्री हासिल की थी। बात ये है कि वो पढ़ने में बहुत तेज थे। जान-पहचान के बच्चे उनसे आते थे पढ़ने या कभी-कभी सवाल पूछने।”

1991 का साल था। पांच दिसंबर की तारीख थी। कक्षा सात के एक बच्चे को रोडवेज के बस ने कुचल दिया। मौके पर ही बच्चे की मौत हो गई। सुशील पांडेय ने बताया कि “पुलिस ने बच्चे की लाश के साथ लावारिसों जैसा व्यवहार किया था। वहां किसी को जाने नहीं दिया जा रहा था। इसी बात को टीडी कॉलेज के छात्र आंदोलन करने लगे। इस आंदोलन का नेतृत्व चंद्रभानू पांडेय कर रहे थे।”

बकौल सुशील पांडेय छात्रों की मांग थी कि बच्चे के परिवार को मुआवजा मिले और लाश को परिवार के हवाले किया जाए। इसी आंदोलन के दौरान पुलिस ने फायरिंग की जिला कचहरी के सामने। पुलिस की गोली चंद्रभानू पांडेय को लगी और वो शहीद हो गए। तब से लेकर आज तक 5 दिसंबर का दिन एक काला दिन बन गया। लेकिन चंद्रभानू पांडेय एक शहीद की तरह अमर हो गए।टीडी कॉलेज में चंद्रभानू पांडेय को श्रद्धांजलि देते हुए नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी

चंद्रभानू पांडेय की मौत के मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सुशील पांडेय ने कहा कि “इस मामले में कोई विशेष जांच या कार्रवाई नहीं हुई। उस वक्त उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह की सरकार थी। शासन स्तर पर उस दौरान बहुत प्रयास किया गया कि चंद्रभानू पांडेय के नाम पर बलिया में कुछ हो। लेकिन कुछ नहीं हुआ। हम लोगों ने अपने स्तर से ही बांसडीह रोड तिराहे पर उनकी मूर्ति लगाने के लिए भूमिपूजन किया है। शिलान्यास भी हो चुका है। जल्दी ही उनकी मूर्ति भी लग जाए ऐसी कोशिश की जा रही है।”

Akash Kumar

Recent Posts

सिकंदरपुर की सियासत में नया चेहरा, कौन हैं संजीव कुमार तिवारी? बिजनेस से राजनीति तक कैसे पहुंचा सफर?

बलिया। सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में अब नए चेहरों की सक्रियता दिखाई देने लगी…

2 days ago

मेजर ध्यानचंद जयंती पर जमुना राम मेमोरियल स्कूल में खेल सप्ताह का आगाज, कबड्डी में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

चितबड़ागांव (बलिया)। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में जमुना राम मेमोरियल…

2 weeks ago

आजाद अधिकार सेना ने ओम प्रकाश को सौंपी बलिया जिलाध्यक्ष की कमान

आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने क्षेत्र के…

3 weeks ago

जमुना राम मेमोरियल स्कूल में धूमधाम से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

बलिया। जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव में 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास,…

4 weeks ago

सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल में बलिया का जलवा, जमुना राम मेमोरियल स्कूल बना उपविजेता

सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में बलिया की जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव की…

4 weeks ago

बलिया में विनोद राय की दसवीं पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

बलिया के नरही थाना गोलीकांड के शहीद विनोद राय की दसवीं पुण्यतिथि पर बुधवार को नरही…

4 weeks ago