बलिया में एनएच-31 को गंगा कटान से बचाने के लिए करोड़ों की लागत से रामगढ़ के पास स्पर का निर्माण किया गया था। लेकिन मंगलवार को स्पर का नोज धाराशायी होने लगा। सूचना मिलने पर विभागीय अधिकारियों के द्वारा कैरेट में मिट्टी भरी बोरी डालवाई गई हैं। बचाव कार्य शुरु है। वहीं स्पर के क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
बता दें कि एनएच के बचाव को पिछले वर्ष कार्यदायी संस्था बाढ़ खण्ड ने एनएच बचाव को किमी 27.500 पर 11 करोड़ 3 लाख 37 हजार की लागत से एक स्पर का निर्माण कराया। बारिश के बाद नदी का उफान आते ही मंगलवार सुबह स्पर का नोज नदी में समाने लगा। बोल्डर्स गिरने लगे। जिसके बाद स्थानीय लोग घबरा गए।
आपात काल में ड्यूटी दे रहे विभागीय कर्मचारियों ने घटना से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। मौके पर पहुंचे अवर अभियंता जावेद अहमद ने तत्काल कैरेट मे बचाव कार्य शुरू कराया। इसमे दर्जनों मजदूर लगाये गए हैं। गौरतलब है कि स्पर निर्माण पहले से ही विवादों में रहा है। कार्य के शुरुआती दिनों से ही स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में अनियमितता के आरोप लगाए थे। अब पानी के उफान आने के बाद स्पर के क्षतिग्रस्त होने पर निर्माण कार्य की पोल खुल गई है।
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