विकास की ओर अग्रसर बलिया में लगातार सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। विकास की दृष्टिकोण से सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे की डिजाइन बन चुकी है, जो कि जिले को सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेस से जोड़ेगा। अब गोरखपुर और आजमगढ़ जाना भी आसान होगा। बता दें कि बलिया से सिकंदरपुर और फेफना से मऊ राजमार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया गया है। अभी तक यह दोनों स्टेट हाईवे थे लेकिन अब दोनों मार्गों का नेशनल हाईवे के मानक पर जीर्णोद्धार किया जाएगा। इस काम की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दिया गया है।
सिकंदरपुर से बलिया मार्ग का एनएच कोड 727 बी है। अभी यह सात मीटर चौड़ा है, कहीं-कहीं चौड़ाई बमुश्किल पांच मीटर से भी कम है, लेकिन अब इसे टू-लेन किया जाएगा। बाद में फोरलेन भी हो सकता है। फिलहाल एनएचएआइ की वाराणसी इकाई ने 75 किलोमीटर लंबी परियोजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया है।
यह मार्ग देवरिया होते हुए गोरखपुर को जोड़ता है। डीपीआर बनाने के आदेश हुए हैं। सर्वे शुरू कर दिया गया है। जमीन का अधिग्रहण भी किया जाएगा। इसके अलावा फेफना से मऊ मार्ग को एनएच कोड 128 बी आवंटित किया गया है। यह अभी तक स्टेट हाईवे 34 था। 52.57 किलोमीटर लंबा मार्ग आजमगढ़ होते ही लखनऊ और प्रयागराज को भी जोड़ता है। इसकी चौड़ाई बढ़ाई जाएगी।
एनएचएआइ वाराणसी के प्रोजेक्ट मैनेजर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि सिकंदरपुर प्रोजेक्ट के लिए काम 2023 में शुरू किया जाएगा। भदोही से जौनपुर के लिए टू-लेन सड़क निर्माण के लिए 195 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। यह मार्ग बहुत जर्जर है, इसके जीर्णोद्धार का कार्य बहुत जल्द शुरू करने जा रहे हैं।
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