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बलिया- जानिए किस लिये जारी हुआ आधा दर्जन सचिवों को कारण बताओ नोटिस

बलिया डेस्क: भारत सरकार की महत्वाकांक्षी कायाकल्प योजना से पंचायत भवनों की मरम्मत में उदासीनता बरतने पर जिला पंचायत राज अधिकारी अजय श्रीवास्तव ने आधा दर्जन ग्राम विकास अधिकारी (पंचायत) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

यही नहीं उन्होंने इसके साथ ही साथ स्पष्टीकरण मांगने और समय से लक्ष्य के हिसाब से पंचायत भवनों के मरम्मत व वहां समुचित संसाधन हर हाल में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। डीपीआरओ ने अपनी रिपोर्ट मंडलायुक्त, डीएम, सीडीओ व बीडीओ को भेज दी है। जिला पंचायत राज अधिकारी के सख्त रूख से सचिवों में खलबली मची हुई है।

गौरतलब है कि शासन के कायाकल्प योजना के तहत पंचायत भवनों की मरम्मत कर वहां पेयजल, शौचालय, बिजली आदि की व्यवस्था करने का आदेश दिया था। साथ ही इसकी जिम्मेदारी जिला पंचायत राज विभाग को सौंपी गयी थी।

विभाग ने सचिवों को पंचायत भवनों को ब्लॉकवार लक्ष्य निर्धारित कर कायाकल्प कराने का निर्देश दिया था। अब जबकि वित्तीय वर्ष 2021 समाप्ति की ओर है, आधा दर्जन सचिवों द्वारा काम में उदासीनता बरते जाने से लक्ष्य के हिसाब से काफी कम कार्य हो सका है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार किस ब्लॅाक में कितने गांव में काम हुआ हैं?

हनुमानगंज ब्लॉक में 30 पंचायत भवनों की मरम्मत करानी थी। इसके इसके मुकाबले में सिर्फ 5 की ही मरम्मत करायी गयी है। इसी प्रकार से

नगरा ब्लॉक- 50 पंचायत भवनों के परंतु 22 पंचायत भवनों की ही मरम्मत हो पायी हैं।

सोहांव ब्लॉक – 24 पंचायत भवनों में से सिर्फ 10 पंचायत भवनों की ही मरम्मत हो पायी हैं।

रसड़ा ब्लाक – 25 पंचायत भवनों में से सिर्फ 8 पंचायत भवनों की ही मरम्मत हो पायी हैं।

बांसडीह ब्लॉक – 32 पंचायतों में से 10 पंचायत भवनों की ही मरम्मत हो पायी हैं।

रेवती ब्लॉक – 24 पंचायत भवनों की मरम्मत के मुकाबले में सिर्फ 6 की ही मरम्मत करायी गयी।

कायाकल्प योजना क्या हैं?
भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में स्वच्छता और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिये 15 मई, 2015 को एक राष्ट्रीय पहल ‘कायाकल्प’ की शुरुआत की। इसका उद्देश्य ऐसी सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को प्रोत्साहित कर उनकी पहचान करना जो कि स्वच्छता और संक्रमण पर नियंत्रण के लिये मानक प्रोटोकॉल का पालन कर अनुकरणीय कार्य करते हैं, साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में स्वच्छता, साफ-सफाई और संक्रमण नियंत्रण प्रथाओं को बढ़ावा देना है। स्वच्छता और साफ-सफाई से संबंधित प्रदर्शन के सतत् मूल्यांकन और सहकर्मी समीक्षा की संस्कृति विकसित करना। सकारात्मक स्वास्थ्य परिणामों से जुड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार से संबंधित स्थायी प्रथाओं के निर्माण और उन्हें साझा करना।

सतीश

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