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कागजों में सड़कें, धरातल पर गड्ढे, बलिया में जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे लोग

बलिया की सड़कों से सफर करना जान जोखिम में डालने से कम नहीं है। जिले की अधिकाशं सड़कें गड्ढों से पटी हैं। इन गड्ढों में हिचकोले खाते वाहन हर कभी हादसे का शिकार हो जाते हैं। कई बार तो लोगों की जान चली जाती है। लेकिन इन सब से जिले के लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को कोई लेना देना नहीं है। हर बार की तरह इस बार भी जिले में शत प्रतिशत 318 किमी लंबाई की 129 सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया गया है। लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ ओर ही है। लोगों का कहना है कि हर बार की तरह इस बार भी गड्ढा मुक्त के नाम पर केवल कोरम ही किया गया है।

जिले के मालीपुर-बिहरा – हरपुर सिकंदरपुर जर्जर सड़क मार्ग को देखा जा सकता है। इस मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे ही हैं। इसके अलावा जयप्रकाश नगर क्षेत्र के कर्ण छपरा से दलन छपरा मार्ग, विशुनपुरा क्षेत्र के जेठवार- चांडी मार्ग, मालीपुर खटंगी मार्ग आदि सड़कों ने प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी है। वहीं गड्ढायुक्त सड़कों के सवाल पर विभागीय अधिकारी पल्ला झाड़ने लगते हैं।

विभागीय अधिकारियों की मानें तो इस बार जिले की 318 किमी लंबी कुल 129 सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए चिह्नित किया गया था। सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड को बतौर नोडल विभाग नामित किया गया। सड़कों को गड्ढामुक्त करने 4 करोड़ का राशि मिले, जबकि जिले में कुल 1071 सड़कें खराब थीं।सड़कों को गड्ढामुक्त करने की दिशा में अलग अलग श्रेणी बनाई गई हैं। अब पूरी तरह उखड़ चुकी व जलभराव वाली सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद इन सड़कों के पुनर्निर्माण कराया जाएगा। बता दें कि विभाग के द्वारा पिछले साल भी पिछले वर्ष भी विभाग की ओर से 247 किमी लंबी 199 सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया था। इसमें पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड की 42.96 किमी की 13 सड़कें व निर्माण खंड की ओर से 121.532 किमी की 64 सड़कें रहीं। इसके अलावा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की 5.80 किमी की तीन सड़कें, जिला पंचायत की 34.735 किमी की 28 सड़कें व नगरीय नगरीय क्षेत्र के 42.55 किमी लंबी 91 सड़कें थीं।

बलिया प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता अरुण कुमार का कहना है कि गड्ढा वाली सड़कों को चिह्नित कर गड्ढा मुक्त कर दिया गया है। पूरी तरह से जर्जर व जलभराव से क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

Rashi Srivastav

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