बलिया डेस्क : एक समय था जब रसड़ा विकास के मामले में अव्वल था। लेकिन आज सबसे पीछे हैं। धरातल पर विकास कहीं भी दिखाई नहीं देता है। वर्तमान समय में रसड़ा के विधायक उमाशंकर सिंह है। सपा व बसपा सरकार में क्षेत्र में विकास तो दिखा, लेकिन मौजूदा सरकार में विकास के पहिए मानों एक दम से रूक से गए।
विधायक उमाशंकर सिंह सत्ता के गलियारों में अपनी एक अलग पकड़ रखते हैं और उसी की बदालैत अपने क्षेत्र में विकास को नया आयाम देते हैं, लेकिन आज की हालत यह हो गई है कि रसड़ा क्षेत्र अपनी सूरत-ए-हाल पर ही आंसू बहा रहा है।
सड़कों का विकास तो दिख रहा है, लेकिन रेलवे अपने हाल पर रोना रो रहा है। वहीं कताई मिल व चीनी मिल बंद पड़ी है। रसड़ा नगर के अलावा गांव के विकास की बात करें तो विधायक जी की रूचि लगती है कि कम हो गई है।
एक नेता ने कहा कि 2017 के चुनाव में भाजपा से लड़ते-लड़ते विधायक जी की हालत खराब हो गई थी। भाजपा की लहर में जीत तो हासिल की, लेकिन काफी मेहनत व संघर्षों के बाद।
दूसरे नेता ने कहा कि क्षेत्रीय विधायक ने अपने क्षेत्र में बहुत काम कराया था, उसे तो बैठे-बैठे जीत जाना चाहिए था। लेकिन जनता वर्तमान समय में ही सब कुछ देखती है। जिसका नतीजा ये रहा कि विधायक जी द्वारा कराए गए विकास को ही लोग भूल गए।
यही वजह है कि विधायक ने अब विकास में रूचि लेना कम कर दिया है। वैसे केवल रसड़ा को ही क्यों विकास की नजर में देखा जा रहा है। जिले में कुल सात विधानसभा है, उन विधानसभाओं में क्या तस्वीर बदली, क्या कोई विकास दिखा। चार साल पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन अभी भी जिले के सभी विधानसभाओं की हालत बहुत बेहतर नहीं है।
रिपोर्ट- तिलक कुमार
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