बलिया। यूपी और बिहार को जोड़ने वाले क्षेत्र के खरीद और दरौली घाटों के बीच सरयू पर बना पीपा पुल अब हादसे को न्यौता दे रहा है।रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरने से पुल पर दबाव बढ़ता ही जा रहा है। और अगर पुल पर ऐसे ही दबाव बढ़ता रहा तो जर्जर लकड़ियों से बना कमजोर पुल कभी भी टूट सकता है। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
पुल पर दबाव बढ़ने का कारण- दरअसल तुर्तीपार-भागलपुर पुल पर आवागन बंद होने से पीपा पुल पर दबाव बढ़ रहा है। दूरी कम होने के कारण गोरखपुर, देवरिया, सलेमपुर, लार आदि के निवासी छोटे चारपहिया वाहन से सलेमपुर, लार, मेहरवना पुल, गुठनी और दरौली-खरीद पीपा पुल होकर बलिया आदि स्थानों पर आवागमन कर रहे हैं। इससे न केवल पुल बल्कि खरीद घाट से मनियर रोड पर स्थित शेखपुर कांटा तक बने संपर्क मार्ग पर वाहनों की संख्या बढ़ गई है। और बालू में अक्सर वाहन फंस जाते हैं। जाम की वजह से लोगों को भी परेशानी हो रही है।
बता दें भागलपुर पुल का मरम्मत कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। अब पुल पर 5 मई से आवागमन बहाल होने की उम्मीद है। मरम्मत कार्य जारी है। पहले एक मई तक कार्य पूर्ण होने की उम्मीद थी। अब सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक एसपी सिंह ने चार मई तक मरम्मत कार्य पूर्ण होने की उम्मीद जताई है। पुल पर करीब 4 महीने से बड़े वाहनों का आवागमन बंद है जबकि छोटे दोपहिया वाहन भी 24 अप्रैल से बंद हैं।
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