करे कोई और भरे कोई, यह कहावत आपने सुनी होगी। कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है बलिया के प्राथमिक स्कूल में, जहां विद्यालय प्रशासन की लारवाही का खामियाजा बच्चे उठा रहे हैं। भरी गर्मी में बच्चे बिना बिजली के पढ़ाई करने को मजबूर हैं। न तो विद्यालय में पंखा चल पा रहा है न लाइट है। बड़ी असुविधाओं के बीच बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जनपद के कई प्राथमिक स्कूलों पर लंबे समय से बिजली बिल बकाया हैं जब उन्हें नहीं भरा गया तो सोमवार को बिजली विभाग ने 471 प्राथमिक स्कूल सहित कुल 516 सरकारी संस्थानों की बिजली काट दी थी, इसमें 38 आंगनबाड़ी केंद्र भी शामिल है।
प्राथमिक शिक्षक संघ रसड़ा के ब्लाक अध्यक्ष तेज प्रताप सिंह ने बताया कि बिना नोटिस कोई भी विभाग किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकता है। बेसिक शिक्षा महकमा को बिजली विभाग के खिलाफ तुरंत एक्शन लेना चाहिए। प्राथमिक शिक्षक संघ नगरा के ब्लाक अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि जिलाधिकारी इस गंभीर मुद्दे को तत्काल संज्ञान में लें, क्योंकि बच्चों का सवाल है। प्राथमिक शिक्षक संघ दुबहर के ब्लाक अध्यक्ष अजीत पांडेय ने बताया कि बिजली विभाग की यह कार्रवाई तानाशाहीपूर्ण है। विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को शिक्षकों के बारे में न सही कम से कम बच्चों के बारे में सोचाना चाहिए था कि इस गर्मी वे कैसे पठन-पाठन करेंगे।
बलिया। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को श्री जमुना…
बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह…
सियासत में बड़े नामों की कोई कमी नहीं है। मंचों पर भाषण देने वाले नेता…
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण…
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से…
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को…