बलिया की सबसे बड़ी मुसीबतों की एक सूची बनाई जाए तो जल निकासी की समस्या उसमें सबसे ऊपर चढ़ बैठेगी। आज जल निकासी के आफत की कहानी पढ़िए जिले के सदर विधानसभा सीट के काजीपुरा क्षेत्र से। ये इलाका बलिया शहर के बीचो-बीच स्थित है। खूब व्यस्त और गाड़ियों की आवाजाही वाला इलाका है। काजीपुरा में बीते छह महीने से बारिश और नाले का पानी जमा हुआ है। जल भराव की वजह से हर रोज़ राही-बटोही दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं।
शहर के सतीश चंद्र कॉलेज से मिड्ढी चौराहे को जोड़ने वाली सड़क का हाल पिछले छह-सात महीनों से बिगड़ा हुआ है। मुख्य मार्ग पर पानी लगा हुआ है। जल जमाव की वजह से सड़क के गड्ढे हर रोज खतरे को निमंत्रण दे रहे हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि हर दिन यहां से गुजरने वालों के वाहन पानी में फंसते हैं और पलटते हैं।
काजीपुरा के आसिफ अली ने बलिया खबर से बातचीत में बताया कि “सतीश चंद्र कॉलेज से मिड्ढी चौराहे को जोड़ने वाली ये मुख्य सड़क है। हर दिन कम-से-कम दस हजार वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं। लगभग हर दिन ही 20-25 गाड़ीयां इस रास्ते पर पलट रही हैं। वजह है जल भराव। बरसात की शुरुआत से ही इस सड़क पर पानी लगा हुआ है। लेकिन नगरपालिका को इसकी कोई फिक्र नहीं है।”
काजीपुरा में सड़क पर लगे पानी में फंसी एक कार को निकालने की कोशिश
जल भराव क्यों हुआ है और पानी निकल क्यों नहीं रहा है, इस सवाल के जवाब में आसिफ अली समस्या की जड़ तक हमें ले जाते हैं। उन्होंने बताया कि “डेढ़ साल से इस रास्ते के किनारे एक नाला बन रहा है। आज तक नाला बनकर तैयार नहीं हो सका है। जो ठेकेदार ये नाला बनवा रहा था उसने इसका काम ही बंद कर दिया है। अब वो दूसरे क्षेत्र में नाला बनवा रहा है। दिक्कत ये है कि नाला जो बनी है वो हो गई सड़क से ऊंची। यानी सड़क नीचे है और नाला ऊपर।”
आसिफ आगे कहते हैं कि “जब तक इस सड़क पर गिट्टी नहीं भरा जाएगा ये मुसीबत खत्म नहीं होगी। इसे लेकर हमने बलिया नगरपालिका के ईओ से शिकायत भी की थी। तब दो-चार ट्रक गिट्टी गिरवाया गया। लेकिन ये सिर्फ खानापूर्ति ही है। क्योंकि जरूरत है लगभग बीस ट्रक गिट्टी की। ताकि सड़क नाले से ऊपर हो सके।”
क्षेत्र के लोग इसे लेकर नगरपालिका के ईओ को ज्ञापन भी दे चुके हैं। लेकिन इस समस्या का निपटारा नहीं किया गया। आसिफ अली ने कहा कि “इतने लंबे से ये दिक्कत है कि मोहल्ले के लोगों को इसकी आदत लग चुकी है। इसलिए स्थानीय लोग तो किनारे से निकल जाते हैं। लेकिन हर दिन यहां से गुजरने वाले अनजान लोग दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।”
काजीपुरा के मोहसीन रज़ा ने बताया कि “हमलोग सात दिसंबर यानी कल इस मसले को लेकर बलिया की जिलाधिकारी अदिति सिंह को ज्ञापन सौंपने जाएंगे। हम लोगों ने पहले भी इस मामले के विरोध में एक जुलूस निकालने के लिए अनुमति मांगी थी। हर जगह से अनुमति तो मिल गई लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट ने ऑर्डर नहीं दिया जिसकी वजह से हमलोग विरोध नहीं जता सके।”
काजीपुरा सदर विधानसभा क्षेत्र के तहत आता है। यहां से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं आनंद स्वरूप शुक्ला। जो कि उत्तर प्रदेश सरकार में ग्राम्य विकास मंत्रालय के राज्य मंत्री भी हैं। आनंद स्वरूप शुक्ला अक्सर अपने भाषणों में सरकार के विकास की गिनती कराते रहते हैं। लेकिन उनके ही विधानसभा क्षेत्र में एक मुख्य मार्ग पर पिछले छह महीने से जल जमाव हुआ है। जिसकी वजह से अब तक सैकड़ों लोग दुर्घटना की चपेट में आ चुके हैं। लेकिन मंत्री और विधायक आनंद स्वरूप शुक्ला का इस ओर ध्यान तक नहीं गया है। वास्तव में ये मामला “चिराग तले अंधेरा” वाला है।
कायदे से नगरपालिका के अधिकारियों को बताना चाहिए कि आखिर कई बार ज्ञापन देने के बाद भी इस खतरनाक समस्या का निदान क्यों नहीं किया गया? सवाल सदर विधायक और राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला पर भी उठता है कि उनके ही विधानसभा क्षेत्र में जल निकासी के आफत ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है इस पर उन्होंने अब तक क्या कदम उठाया है?
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